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दून और गढ़वाल पुलिस के निजाम की खोज शुरू
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 02 Jan 2015 01:00 PM IST
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उत्तराखंड में आईपीएस अफसरों की पदोन्नति के बाद अब गढ़वाल रेंज के डीआईजी व देहरादून के लिए नए एसएसपी की खोज शुरू होगी।
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संजय गुंज्याल की नई तैनाती का इंतजार
संजय गुंज्याल तो काफी लंबे समय डीआईजी रहे हैं, लेकिन पुष्पक ज्योति तो मात्र पंद्रह दिन पहले ही दून के एसएसपी बने हैं। हालांकि सरकार चाहे जब तक उन्हें कप्तान बनाए रख सकती है। फिर भी प्रमोशन के बाद लंबे समय तक एसएसपी बने रहना तभी संभव है जबकि कैडर में इस रैंक के अफसर न हो।
आईजी पद पर पदोन्नति के बाद संजय गुंज्याल की नई तैनाती का इंतजार है। चूंकि प्रदेश में पुलिस जोन नहीं बल्कि पुलिस रेंज की व्यवस्था है। इसलिए गुंज्याल की जगह नए डीआईजी की तैनाती होगी। वहीं 15 दिसंबर को जब सरकार ने अजय रौतेला को हटाकर पुष्पक ज्योति को एसएसपी देहरादून बनाया तो जानकार लोग हैरत में थे।
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क्योंकि एक जनवरी 2015 को पुष्पक को डीआईजी बनना था और वह बन भी गए। उन्हें भूरा को पकड़ने के जिस टास्क के लिए लाया गया था उसमें भी अभी तक ऐसा कोई परिणाम सामने नहीं आया जिससे उनकी इस तैनाती को अर्थपूर्ण कहा जाए।
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लेकिन डीआईजी बनने के बाद अब उनके स्थान पर दून के नए कप्तान की खोज के साथ ही इस पद को पाने के लिए आईपीएस अफसरों के बीच जोर आजमाइश शुरू हो गई है।
संवर्गीय पद की अनुमति, निसंवर्गीय के लिए मनमर्जी
आईजी के पद पर हुई तीन अफसरों की पदोन्नति पर भी सवाल उठ रहे है। दो अफसरों को निसंवर्गीय पद सृजित कर आईजी के पद पर पदोन्नति दी गई है और इसकी केंद्रीय गृह मंत्रालय से स्वीकृति भी नहीं ली गई।
वी मुरूगेशन को प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। एक अफसर ने बताया कि सुबह ही उच्च स्तर से फोन आया और कहा कि एक नहीं तीन अफसरों की डीपीसी होगी। चूंकि वरिष्ठ अमित सिन्हा थे इसलिए एक रिक्त पद था जिस पर पदोन्नति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी मिली है।
लेकिन दूसरे नंबर के वी मुरुगेशन और तीसरे नंबर के संजय गुंज्याल को प्रमोट करने के लिए यह सब किया गया। हालांकि मुरूगेशन के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण उन्हें प्रोफार्मा पदोन्नति दी और गुंज्याल के लिए एक निसंवर्गीय पद सृजित किया गया।
इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है कि जब आईजी के संवर्गीय पद पर पदोन्नति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति की जरूरत होती है तो निसंवर्गीय पद पर राज्य सरकार अपने स्तर से किसी अफसर की पदोन्नति कैसे कर सकती है।
छह आईपीएस पदोन्नत
उत्तराखंड सरकार ने नए साल के पहले ही दिन आधा दर्जन आईपीएस अफसरों को पदोन्नति देने के आदेश जारी कर दिए। मुख्य सचिव एन रविशंकर की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में यह निर्णय हुआ।
आईजी के दो पद निसंवर्गीय सृजित कर दो अफसरों को प्रोन्नति दी गई है। देहरादून के एसएसपी पुष्पक ज्योति भी डीआईजी पुलिस के पद पर प्रमोट कर दिए गए हैं।
सरकार ने 1997 बैच के तीन आईपीएस अफसरों को डीआईजी से आईजी के पद पर पदोन्नत कर दिया है। इनमें सबसे वरिष्ठ अमित सिन्हा पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में पीएसी का काम देखते हैं। दूसरे नंबर पर वी मुरुगेशन हैं, जो दिल्ली में डीआईजी सीबीआई हैं। तीसरे क्रम पर संजय गुंज्याल हैं जो गढ़वाल रेंज के डीआईजी हैं।
आईजी का एक ही संवर्गीय पद था जिस पर वरिष्ठ होने के नाते अमित सिन्हा की पदोन्नति हुई है। जबकि दो निसंवर्गीय पद सृजित किए गए हैं जिन पर मुरुगेशन व गुंज्याल को प्रमोट कर आईजी बनाया गया है। इन अफसरों को मौजूदा पद पर ही प्रोन्नत किया गया है अभी तैनाती होनी बाकी है।
उधर, दो अफसरों को एसएसपी रैंक से डीआईजी के पद पर प्रमोट कर दिया गया है। 2001 बैच के इन दो अफसरों में एक एसएसपी देहरादून पुष्पक ज्योति और दूसरे अपर सचिव गृह अजय रौतेला शामिल हैं। दोनों को डीआईजी के पद पर पदोन्नत करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
ये दोनों भी नए तैनाती आदेश जारी होने तक वर्तमान पदों पर ही कार्यरत रहेंगे। बदलाव एसएसपी का जरूरी होगा क्योंकि डीआईजी बनने के बावजूद रौतेला अपर सचिव गृह के पद पर रह सकते हैं। इन पदोन्नतियों के बाद एसपी रैंक में सबसे वरिष्ठ विजयपाल सिंह को भी चयन वेतनमान में पदोन्नत कर दिया गया है। अगले साल जनवरी में वह डीआईजी बन जाएंगे।