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यहां हाईटेंशन लाइन के नीचे पढ़ रहे नौनिहाल...

Mon, 06 Mar 2017 11:09 AM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 06 Mar 2017 11:09 AM IST
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school runs under high tension line
Electricity

राजधानी के विभिन्न स्कूलों के ऊपर और समीप से हाईटेंशन लाइन गुजर रही हैं। इन हाईटेंशन लाइनों की कहीं भी गार्डिंग नहीं होने से भी ये हादसों को ज्यादा न्यौता दे रही हैं।

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आरटीआई के जरिये इसका खुलासा हुआ है। वहीं, विद्युत सुरक्षा विभाग ने भी इसे सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया है। हाईटेंशन लाइनों के पास स्कूल संचालित होने से ऊर्जा निगम समेत विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है।
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जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, उसमें भी अधिकतर निजी हैं। ऐसे स्कूलों के संचालन की अनुमति देना विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने शहर में ऐसे 10 से अधिक स्कूल चिह्नित किए हैं। हालांकि, पावर ट्रांसमिशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) और यूपीसीएल ने इन स्कूलों को अब तक नोटिस भी जारी नहीं किया है।

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ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी कर होगी कार्रवाई

school runs under high tension line
बिजली - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड विद्युत सुरक्षा विभाग के जोनल अधिकारी आरपी कोटनाला ने बताया कि हाईटेंशन लाइन छत से कम से कम सात फुट दूर होनी चाहिए। ऐसी जगहों पर हाईटेंशन लाइनों की गार्डिंग भी की जानी चाहिए। हाईटेंशन लाइनों के नीचे स्कूलों का संचालित बहुत ही खतरनाक है। विभाग ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी कर कार्रवाई करेगा।

नगर शिक्षा अधिकारी आईएम बलोदी ने बताया कि संबंधित क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की रिपोर्ट पर विभाग स्कूलों को मान्यता देता है। अगर स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन लाइन जा रही है तो स्कूलों को मान्यता नहीं दी जानी चाहिए। यूपीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) एवं प्रवक्ता पीसी ध्यानी ने बताया कि हाईटेंशन लाइन बनने से पहले पूरा रूट सर्वे होता है। कई लोग खतरे को नजरअंदाज कर खुद हाईटेंशन के नीचे प्रतिष्ठान बना देते हैं।

इस तरह के प्रतिष्ठानों को समय-समय पर आगाह भी किया जाता है। हाईटेंशन लाइनों के नीचे संचालित स्कूलों को गंभीरता से दिखाया जाएगा। उधर, आरटीआई के तहत सूचना मांगने वाली गीता बिष्ट का कहना है कि यूपीसीएल ने इस तरह के स्कूलों की पूरी सूची नहीं दी है। वे उचित फोरम पर अपील करेंगी।

क्या होती है गार्डिंग
हाईटेंशन लाइनों के नीचे गार्डिंग एक तरह का विद्युत तारों का जाल होता है। उस जगह पर अगर हाईटेंशन टूटती है तो वह गार्डिंग के ऊपर ही गिरेगी। गार्डिंग में अर्थिंग होने की वजह से लाइन ट्रिप होते ही संबंधित बिजली घर से विद्युत आपूर्ति बंद हो जाएगी और दुर्घटना टल सकती है।

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