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HDA ने गुपचुप सील किया सतपाल महाराज का आश्रम

Tue, 12 Aug 2014 01:55 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 12 Aug 2014 01:55 PM IST
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satpal maharaj ashram sealed

हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने मुनिकीरेती में सतपाल महाराज के आश्रम को सील कर दिया। बताया गया कि यह कार्रवाई गुपचुप तरीके से हुई।

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मंगलवार को तय समय से पहले यह कार्रवाई सुबह साढ़े नौ बजे की गई। इतना ही नहीं पुलिस की टीम भी हरिद्वार विकास प्राधिकरण की टीम के बाद आई।

बता दें कि सतपाल महाराज के आश्रम को सील करने के लिए सुबह 11 बजे का समय तय किया गया था।

सात अगस्त को हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने मुनिकीरेती में सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम की सर्व धर्म मंदिर शाखा के नवनिर्मित भवन को अवैध घोषित करते हुए सील करने के आदेश पारित किए थे।

अवैधरूप से किया गया आश्रम का निर्माण

satpal maharaj ashram sealed

उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार के स्थिर होते ही हुई इस कार्रवाई से ये सवाल भी उठ रहे हैं कि कहीं महाराज पर ये बदले की कार्रवाई तो नहीं है। हालांक‌ि सीएम हरीश रावत ने इस मुद्दे से पल्ला झाड़ते हुए इसे प्रशासनिक कार्रवाई बताया है।

प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि मंदिर के तीन मंजिले भवन का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के अवैधरूप से किया गया है, जो गंगा के प्रतिबंधित दो सौ मीटर की परिधि में आता है।

मुनिकीरेती स्थित सर्व धर्म मंदिर में निर्माण कार्य के लिए संबंधित संस्था को बीती 13 मई को बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण कार्य को हटाने का नोटिस जारी किया गया था, मगर संस्था की ओर से निर्माण जारी रखा गया।

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दिए गए ‌थे निर्माण कार्य रोकने के निर्देश

satpal maharaj ashram sealed

उप सचिव/एसडीएम ऋषिकेश एसके पांडेय की ओर से एसडीएम नरेंद्रनगर और थाना मुनिकीरेती को पत्र लिखकर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे।

एसडीएम नरेंद्रनगर मनीष कुमार द्वारा दी गई रिपोर्ट में बताया गया था कि निर्माण कार्य तीसरी मंजिल तक किया जा चुका है, जो गंगा के दो सौ मीटर की परिधि में आता है, लिहाजा सीलिंग की कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्राधिकरण के सहायक अभियंता एचसीएस राणा ने भी निर्मित भवन को सील करने की संस्तुति की ‌‌थी।

प्रकरण में लंबित वाद की सुनवाई में भवन का निर्माण बिना मानचित्र की स्वीकृति और गंगा के प्रतिबंधित दायरे में पाया गया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में वीसी ने भवन निर्माण को अवैध करार देते हुए 12 अगस्त को सीलिंग की कार्रवाई के आदेश पारित किए हैं।
- हरबंस सिंह चुघ, एचडीए उपाध्यक्ष

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