दून में अतिक्रमण, गदेरों की होगी सैटेलाईट मैपिंग
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश भर के गाड गदेरों की सैटेलाइट मैपिंग करने के निर्देश दिए है। ताकि इस बात का पता चले कि इनके किनारों पर कितना अतिक्रमण हो रखा है।
हालांकि मुख्यमंत्री राजधानी में ही रिस्पना व बिंदाल नदीं पर हुए व्यापक अतिक्रमण को हटाने का क्या मास्टर प्लान है, इस सवाल से कन्नी काट गए।
उन्होंने सभी मंत्रियों व अफसरों को हर साल अपनी आय का ब्योरा देने के निर्देश भी दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से विधिवत नंदा राजजात यात्रा भी शुरू हो गई है। यात्रा में फिजिकली फिट लोगों को ही भेजा गया है।
बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश में नदियों व गाड गदेरों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री ने सैटेलाईट मैपिंग करने का आदेश दिया है।
मैन्युअल मैपिंग करने को भी कहा
इसके अलावा राजस्व विभाग को मैन्युअल मैपिंग करने को भी कहा है। इस काम के लिए ग्राम पंचायतों को भी भागीदार बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर थाने को दो पुलिसकर्मियों को आपदा की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत जवानों को आपदा की ट्रेनिंग दी जाएगी और इनका सदुपयोग किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि एनएफएसए में केंद्र की कड़ी शर्त को तत्काल मंजूर करना मुनासिब नहीं था, इसलिए सरकार ने राज्य खाद्य सुरक्षा योजना शुरू करने की निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने सतर्कता अधिष्ठान को और ज्यादा मजबूत किए जाने की बात कही।
सीएम ने कहा कि हर मंत्री व अफसर सालाना अपनी आय का ब्योरा देगा। पूछने पर सीएम ने कहा कि सरकारी कर्मचारी जो इस दायरे में आते हैं वो ही ब्योरा देंगे।
रिस्पना व बिंदाल के अतिक्रमण पर सीएम भी चुप
सीएम ने कहा कि मैं देखता हूं कि क्या कर सकता हूं। जब उनसे पूछा गया कि इनके लिए तो सैटेलाईट मैपिंग की भी जरूरत नहीं है, यह अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया जाता? सीएम ने कहा कि देखता हूं कितना कर सकता हूं।
मंत्रियों व अफसरों की विदेश यात्रा पर रोक
ने कहा कि फिलहाल सभी मंत्रियों, वीवीआईपी व अफसरों की विदेश यात्रा पर रोक लगा दी गई है। यह रोक अग्रिम आदेशों तक जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विदेश यात्राओं से प्रदेश को बहुत कुछ फायदा नहीं हो रहा था, इसलिए यह कदम उठाटा। इसके अलावा अफसरों की स्टडी लीव पर रोक लगा दी गई है।
कोई अफसर जिस स्टडी लीव पर जाना चाहता है, पहले यह देखा जाएगा कि उससे राज्य को कुछ फायदा मिलेगा या नहीं। यदि स्टडी लीव का इनपुट राज्य को मिलेगा तभी जाने की अनुमति होगी।