LOC पर शहीद हुए दून के लाल की ये बात जानकर करेंगे सलाम
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शहीद संदीप रावत ने सीमा पर जाकर देश की सेवा करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद ही कुछ समय पूर्व तक दिल्ली में तैनात संदीप को खेल कोटा खत्म होने पर जम्मू-कश्मीर में पोस्टिंग मिली थी।
शहीद संदीप रावत को बचपन से ही बाक्सिंग का शौक था। कभी हार न मानने वाले इसी जज्बे की बदौलत संदीप ने खुद ही अधिकारियों के सामने बॉर्डर पर जाने की इच्छा जताई थी।
खेल कोटा खत्म होने पर उन्होंने ही अधिकारियों के सामने सरहद पर जाने की इच्छा जताई थी। शहीद की मां को भी गर्व है कि उन्होंने ऐसे जांबाज बेटे का जन्म दिया। नवादा स्थित संदीप के घर पर शुक्रवार सुबह से ही लोगों का आना जाना लगा रहा।
आतंकियों को देखते ही ललकार पड़ा दून का लाल
बृहस्पतिवार शाम को संदीप तंगधार में साथियों के साथ पेट्रोलिंग पर निकले थे। इसी दौरान चार-पांच संदिग्धों को देखने पर ललकारा तो उधर से फायरिंग शुरू हो गई। जिसमें गोली लगने से संदीप की मौत हो गई।
नवंबर में संदीप छुट्टी पर घर आने वाले थे। परिजनों ने बताया कि शहीद संदीप जून-जुलाई तक दिल्ली में ही तैनात थे। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार शाम शहीद का पार्थिव शरीर दिल्ली आ गया था। शनिवार सुबह तक पार्थिव शरीर देहरादून पहुंच जाएगा।