फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   sainik school in uttarakhand.

हरक और विभाग की तनातनी में लटका सैनिक स्कूल

Wed, 04 Mar 2015 09:17 AM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 04 Mar 2015 09:17 AM IST
विज्ञापन
sainik school in uttarakhand.
राज्य में दूसरा सैनिक स्कूल खोलने की रक्षा मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद शिक्षा विभाग और सैनिक कल्याण विभाग में तनातनी चल रही है। सैनिक स्कूल सोसाइटी ने 19 नवंबर 2014 को स्कूल निर्माण के लिए एमओयू (मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर के लिए पत्र भेजा था पर खींचतान के चलते प्रदेश शासन अब तक कोई फैसला नहीं ले पाया है।
विज्ञापन


दरअसल यह मामला प्रशासनिक से ज्यादा राजनीतिक और क्रेडिट लेने का बन चुका है जिससे अधिकारी भी कुछ करने में हिचक रहे हैं। समाधान निकालने के लिए मंगलवार को मुख्य सचिव एन रविशंकर ने खींचतान कर रहे दोनों विभागों के अधिकारियों को बुलाया।
विज्ञापन


नियमानुसार स्कूल का मामला शिक्षा विभाग के अधीन आता है, लेकिन प्रस्ताव से लेकर अनुमति तक की औपचारिकताएं सैनिक कल्याण विभाग ने पूरी की हैं। इसलिए सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत चाहते हैं कि स्कूल का निर्माण उनका महकमा करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरी ओर, शिक्षा विभाग का तर्क है कि  निर्माण के बाद स्कूल उनके अधीन आएगा इसलिए एमओयू पर दस्तखत उन्हें ही करना चाहिए। मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बाद भी यह तय नहीं हो पाया कि एमओयू पर हस्ताक्षर कौन करेगा। हालांकि उन्होंने अपर मुख्य सचिव एस राजू को दोनों विभागों से तालमेल कर अग्रिम कार्यवाही जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।

किरकिरी के बाद भी नहीं सुधरी सरकार

sainik school in uttarakhand.

मामले में पहले भी सरकार की किरकिरी हो चुकी है। सांसद बीसी खंडूड़ी ने दिसंबर में यह खुलासा किया था कि यह सैनिक स्कूल खोलने की अनुमति राज्य सरकार को मिल चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री तक को इसकी जानकारी नहीं है।

रक्षा मंत्रालय के भेजे अनुमति पत्र की शुरुआत कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के डीओ लेटर के हवाले से हुई है, लेकिन शिक्षा विभाग ने इसकी जानकारी न विभागीय मंत्री को दी, न ही हरक सिंह को। सांसद खंडूड़ी ने 20 दिसंबर को जब अनुमतिपत्र सार्वजनिक किया तो सरकार जागी। खिन्न मुख्यमंत्री ने इस पर अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी।

हरक शिक्षा विभाग से असहमत
यह स्कूल खोलने के लिए वर्ष 2009 से प्रयास चल रहे हैं, लेकिन वर्ष 2014 में मिली अनुमति सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह की कोशिशों से हुई है। अनुमति से पहले हरक ने 10 करोड़ रुपये निर्माण साइट को तैयार करवाने के लिए अपने विभाग से स्वीकृत करवाए।

भवन बनाने के लिए जखोली में लगभग 52 एकड़ भूमि चयनित की गई है। अपने विधानसभा क्षेत्र से संबंधित मामला होने के चलते हरक अपने विभाग के अधीन इसका निर्माण कराना चाहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed