17 वर्ष से गंगा में तपस्या कर रहा है ये साधक, कारण जानकर दंग रह जाएंगे आप
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हाड़ कंपा देने वाली सर्दी और ग्लेशियर के खतरों की बीच गंगोत्री में एक साधक निरंतर 17 वर्ष से भागीरथी में खडे़ होकर अनूठी साधना कर रहा है।
ढाई घंटे प्रात: एवं कभी रात 12 बजे भी रो-रोकर अपनी अश्रुधारा के अंश को गंगा सागर तक पहुंचाने की चेष्टा करने वाला यह साधक है स्वामी वेदांतानंद। वह मां गंगा के साक्षात दर्शन के लिए यह तपस्या कर रहा है।
वह गंगोत्री से कुछ दूरी पर बिना किसी सहायक व चेले के एक गुफा में अकेले रहते हैं। इतना ही नहीं यहां वह किसी को फटकने भी नहीं देते हैं ताकि उनकी साधना में विघ्न न पहुंचे।
ग्लेशियर के कहर से बाल-बाल बचा ये साधक
श्रीकृष्ण आश्रम के महंत ब्रह्मचारी आत्म स्वरूप कुछ साल पहले अपना आश्रम छोड़कर स्वामी वेदांतानंद की गुफा से कुछ दूर जंगल में एक कुटिया बना कर साधना करते रहे।
वे बताते हैं कि दिल्ली के कारोबारी भक्त ओम दत्त शर्मा वर्षभर का राशन आदि जरूरत का सामान वेदांतानंद की गुफा में छोड़ आते हैं। सिर्फ ओम दत्त की वहां जाने की इजाजत है। गुफा और अपने परिसर की निगरानी के लिए उनके भक्त ने सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। कई बार तो वे तथा उनकी गुफा ग्लेशियर के कहर से बाल-बाल बची हैं।
यहां जाड़ों में पांच फीट तक बर्फ जम जाती है। किंतु इस बर्फबारी ने कभी उनकी साधना में खलल नहीं डाला। स्वामी आत्म स्वरूप की साधना से प्रभावित वेदांतानंद उनसे कभी-कभार बतियाते हैं।