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अफवाह निकली उत्तराखंड में EVM सीज करने की खबर, यहां जानिए क्या है पूरा सच

Tue, 02 May 2017 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल Updated Tue, 02 May 2017 12:07 AM IST
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Rumor about  EVM seizing in Uttarakhand

उत्तराखंड में द‌िन भर चलती रही छह इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) सीज करने की खबर पड़ताल के बाद केवल अफवाह न‌िकली। हाईकोर्ट के फैसले से पहले ही कुछ लोगों ने ईवीएम सीज करने की बात उड़ा दी। लेकिन सच कुछ और ही न‌िकला।

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शिकायत लेकर हाइकोर्ट पहुंचे कांग्रेसी नेताओं को कुछ हद तक ही राहत मिली है। कोर्ट ने इनकी याचिका को स्वीकार करने से पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में संबंधित विधानसभाओं के विजयी प्रत्याशियों, चुनाव मशीनरी आदि का पक्ष जान लेना बेहतर माना है।
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अगली सुनवाई के लिए छह सप्ताह का समय नियत करते हुए कोर्ट ने विपक्ष को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए 48 घंटे के अंदर संबंधित विधानसभाओं की ईवीएम पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अतिरिक्त मोहर लगाने को कहा है। 
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 सोमवार को राजकुमार, प्रभुलाल बहुगुणा, गोदावरी थापली, विक्रम सिंह नेगी, अंबरीष कुमार और बीएचईएल रानीपुर निवासी चरण सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता ने सुनवाई की। चरण सिंह को छोड़कर बाकी सभी याचिकाकर्ता 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हैं।

सुनवाई के बाद एकलपीठ ने राजपुर, रायपुर, मसूरी, प्रतापनगर, बीएचईएल रानीपुर और हरिद्वार विधानसभा सीटों की ईवीएम पर 48 घंटे के भीतर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अतिरिक्त मोहर लगाने के निर्देश दिए।

विपक्ष का पक्ष जानकर ही याचिका को स्वीकार किया जाएगा

Rumor about  EVM seizing in Uttarakhand

साथ ही कोर्ट ने संबंधित विधानसभाओं के विजय प्रत्याशी खजानदास, आदेश कुमार चौहान, उमेश शर्मा काऊ, गणेश जोशी, विजय सिंह पवार, यतीश्वरानंद सहित निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड, संबंधित जिलों के चुनाव अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने अभी याचिका स्वीकार नहीं की है। कहा गया कि विपक्ष का पक्ष जानकर ही याचिका को स्वीकार किया जाएगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह सप्ताह बाद की तिथि नियत की है।

​बताया गया कि ये ईवीएम वर्तमान में जिसकी देखरेख में हैं, ये वहीं बनी रहेंगी, लेकिन इन पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की मोहर लगेगी। याचिकाकर्ताओं ने याचिका दायर कर कहा था कि 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी की गई है। मतदाताओं के दो-दो मतदाता सूचियों में नाम हैं। ईवीएम को सीज किया जाए या कोर्ट में मशीनों को मंगा लिया जाए। 

पूर्व में ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत विकासनगर के कांग्रेस प्रत्याशी नवप्रभात ने भी कोर्ट से की थी। नवप्रभात के इस मामले में कोर्ट ने विकासनगर विधानसभा सीट की ईवीएम को सीज करने के निर्देश दिए थे। 

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