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आरटीओ दफ्तर पर कब्जा करने पहुंचे लोग
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 10 Aug 2014 01:57 PM IST
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त्योहार के मूड में घर में बैठे आरटीओ दफ्तर के अधिकारियों को उस समय तगड़ा झटका लगा जब उन्हें मालूम चला कि उनके दफ्तर पर कोई कब्जा करने पहुंच गया है।
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अधिकारी आनन-फानन में कार्यालय पहुंचे तो देखा छह सात लोग दफ्तर में दीवार और गेट लगाने का काम कर रहे हैं। पूछने पर कब्जा करने आए लोगों ने बताया कि यह उनकी जमीन है।
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आरटीओ के अधिकारियों ने जब उन्हें यह बताया कि दफ्तर वर्ष 1964 से चल रहा है। इसकी रजिष्टरी उनके नाम है। ऐसे में जमीन उनकी कैसे हो सकती है?
पुलिस को बुलाना पड़ा
इस पर कब्जा करने आए लोगों ने उन्हें डीएम के आदेश का कागज दिखाया। मामला बढ़ता देख पुलिस को बुलाना पड़ा। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने कब्जा करने आए लोगों को वहां से हटाया। आरटीओ ने कब्जा करने आए लोगों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है।
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रविवार सुबह करीब आठ बजे छह-सात लोग विपुल नौटियाल नामक व्यक्ति की अगुवाई में एक गाड़ी में लदकर आरटीओ दफ्तर पहुंच गए। आरटीओ कार्यालय के पीछे जहां पर नंबर प्लेट लगाने का काम किया जाता है उस जमीन पर दीवार और गेट लगाने लगे।
इसकी जानकारी तुरंत आरटीओ के अधिकारियों को दी गई। मामले की खबर मिलते ही एआरटीओ संदीप सैनी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। आरटीओ को भी मामले की जानकारी दी। अधिकारी कब्जा करने आए लोगों की दबंगई देकर दंग रह गए। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि जिस जमीन को वह वर्षों से अपनी समझ रहे थे वह किसी और की कैसे हो सकती है?
दफ्तर वर्ष 1964 से चल रहा
विपुल नौटियाल ने संदीप सैनी को डीएम के आदेश की प्रति दिखाई। उसका दावा था कि यह जमीन अब उसकी है। संदीप सैनी ने विपुल नौटियाल को समझाने की कोशिश की कि यह जमीन आरटीओ की है। इस जगह पर आरटीओ का दफ्तर वर्ष 1964 से चल रहा है। वर्ष 2001 में आरटीओ के भवन का निर्माण किया गया है।
दस बीघा 14 बिस्वा जमीन की रजिस्टरी आरटीओ के नाम है। ऐसे में जमीन उनकी कैसे हो सकती है। संदीप सैनी के बातों का विपुल पर कोई असर नहीं हुआ। उसका एक ही कहना था कि यह जमीन अब उसकी है। इस पर कब्जे का आदेश डीएम ने दिया है। वह कब्जा करके ही जाएगा।
पुलिस ने विपुल नौटियाल को बहुत समझया। उससे कहा गया कि यदि जमीन उसकी है तो वह पहले इसकी पैमाइश कराए। यदि उसकी जमीन यहां निकलेगी तो उसे कब्जा दिया जाएगा। मामले की जांच पड़ताल के बिना वह किसी की जमीन को अपनी नहीं बता सकता।
संदीप सैनी ने बताया कि विपुल नौटियाल के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गई है। कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जरूरत है। आखिर इतने सालों बाद कोई कैसे अचानक इस जमीन पर अपना हक जताने लगा। उन्होंने मामले में किसी साजिश की आशंका भी जताई।