पढ़िए, अनुच्छेद-370 हटाने के लिए संघ का नया फार्मूला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने को लेकर संघ सरकार पर दबाव नहीं बनाएगा। इसके लिए समाज को जागृत किया जाएगा। अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनेगा। इसका पहला रास्ता कानूनी लड़ाई है। दूसरा रास्ता संसद में देशभर के सांसद बहुमत से प्रस्ताव पास करें।
रविवार को पतंजलि योगपीठ में आयोजित आरएसएस शिविर के अंतिम दिन आरएसएस प्रमुख युवाओं से रू-ब-रू हुए। इस दौरान युवाओं ने भागवत के सामने देश के कई ज्वलंत मुद्दे रखे। एक छात्र ने कश्मीर मसले पर सवाल किया। इस पर भागवत ने कहा, यह मसला दो देशों के बीच का साधारण मामला है, लेकिन इसे विश्व की महाशक्तियों ने अपने स्वार्थ के चलते उलझाया हुआ है। भारत इसका सख्ती से समाधान निकाल सकता है।
नक्सलवाद के सवाल पर भागवत ने कहा कि इसमें पहले काम बगावत करने वालों को समझाबुझाकर सही रास्ते पर लाना है। दूसरा काम सरकार को विकास की किरण समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचानी होगी।
मोदी की तारीफ, कहा सुयोग्य को मिला मौका
आरएसएस के सर संघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि देश के विकास का जिम्मा किसी एक व्यक्ति और दल पर नहीं है। इसके लिए सभी को अपना योगदान देना होगा। प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि देश में लोगों के मन के अनुरूप परिवर्तन हुआ है और सुयोग्य व्यक्ति को मौका मिला है।
पतंजलि योगपीठ में आयोजित नवसृजन शिविर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि यह देश हमारा है। इसका विकास करना भी हमारी ही जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस देश की संस्कृति सबको साथ लेकर चलने की है। संतोषी माता, साईं बाबा आदि देवी-देवता को भी स्वीकार कर लिया गया।
योग करें, शाखा में जाएं : रामदेव
बाबा रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण भी आरएसएस के मंच पर पहुंचे। समापन सत्र में रामदेव ने कहा कि सुबह योग करें और एक घंटा आरएसएस की शाखा में जरूर जाएं। उन्होंने आसमान की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक वह भागवत सत्ता है और फिर मंच की ओर इशारा कर बोले कि एक यह भागवत सत्ता है।