मोदी 'राज' में RSS के हाथ आई भारत की बड़ी जिम्मेदारी
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जरिये जमीन तैयार होने के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक ने नई जिम्मेदारियों के साथ 13 साल पहले बने संगठन ‘आरोग्य भारती’ को दोबारा लॉन्च कर दिया है।
संगठन लोगों को जड़ी-बूटियों, प्राथमिक उपचार, घरेलू चिकित्सा, योग-प्राणायाम आदि के संबंध में जानकारी देगा। यह अभियान सभी राज्यों में चलेगा।
जड़ी-बूटियों का गढ़ होने की वजह से उत्तराखंड आरोग्य भारती के अभियानों के केंद्र में रहेगा। योग दिवस के दूसरे दिन 22 जून को आरोग्य भारती ने ‘मधुमेह मुक्त भारत’ अभियान पूरे देश में शुरू किया है।
योग केंद्र शुरू करके होगा रोगियों को लाभ
संगठन को यह अभियान चलाने के लिए एक साल का समय दिया गया है। इसकी सफलता के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संगठन को नई कार्ययोजना देगा। आरोग्य भारती ने स्वस्थ ग्राम, स्वस्थ बस्ती, स्वस्थ उद्योग स्वस्थ नागरिक का नारा दिया है।
आरोग्य भारती के राष्ट्रीय सचिव (संगठन) डॉ. अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि संगठन का गठन वर्ष 2002 में कोच्चि में हुआ था।
संगठन इस वक्त देश में ढाई हजार योग केंद्र शुरू करके लोगों को मधुमेह से बचाव के तरीके बता रहा है। मधुमेह रोगियों के अलावा प्री-डायबिटिक लोगों को रोग से बचाना है। इसके लिए मॉड्यूल्स तैयार किए गए हैं।