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रुड़की धमाकाः तो रुड़की में ही बना था 'मौत' का बम

Mon, 08 Dec 2014 04:22 PM IST
राजेश शर्मा / अमर उजाला, रुड़की
राजेश शर्मा / अमर उजाला, रुड़की Updated Mon, 08 Dec 2014 04:22 PM IST
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Roorkee Blast Investigation; Killer Bomb was made in Roorkee Only

रुड़की में विहिप के कार्यक्रम के पास जिस बम से धमाका किया गया, वह रुड़की में ही बना था। सूत्रों की मानें तो खुफिया एजेंसी की सूचना इस तरफ इशारा कर रहा है।

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बिजनौर का एक व्यक्ति शहर में बिना लाइसेंस सुतली बम बना रहा है। पुलिस ने इस बिंदु को जांच में शामिल किया है। धमाके के बाद पुलिस भी मान रही थी कि बम शहर में बना हो सकता है। धमाके में मासूम छात्र तुषार की मौत के बाद शहर में दहशत का माहौल है।
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सूत्रों की मानें तो धमाके के बाद पुलिस भी मानकर चल रही थी कि बम रुड़की में ही कहीं बना है। जिस तरीके से यह पूरा मामला हुआ उसे लेकर पुलिस इस ओर आशंकित थी।
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शहर में बम का निर्माण होने के बिंदु पर पुलिस की जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस अभी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है। धमाके के बाद पुलिस टीम हर बिंदु पर जांच कर रही है।

पुलिस की मानें तो अब शहर में पटाखों का भंडारण करने वालों की सूची बनाई जा रही है। इनसे पूछताछ कर जानकारियां जुटाई जाएंगी।

मंच की तरफ था बम का रुख

Roorkee Blast Investigation; Killer Bomb was made in Roorkee Only

रॉकेट की तरह उड़कर मार करने वाले इस बम को आरोपियों ने मंच की तरफ विस्फोट करने की योजना तो नहीं बनाई थी। घटनास्थल के हालात के मुताबिक यह बम ऊपर जाकर फटा था। पुलिस की टीम इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।

शनिवार को नेहरू नगर की संकरी गली के किनारे जिस तरीके से विस्फोट हुआ और छात्र तुषार की मौत हुई, उसे लेकर पुलिस और जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब धमाके के एंगल को भी समझने का प्रयास कर रही है। मौके पर फटा बम छात्र तुषार की गर्दन से घुसकर सिर के रास्ते बाहर निकला था।

इसके बाद इस विस्फोटक ने ऊपर से जा रहे बिजली के एल्युमीनियम के मोटे केबल को भी उधेड़ दिया था। यह बम रॉकेट की तरह मार करता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि रॉकेट की मारक क्षमता के चलते ही आरोपियों ने इसे मंच की दिशा की तरफ सैट किया होगा।

लेकिन मंच तक जाने से पहले ही यह बम हलचल या छूने से फट गया। पुलिस और जांच एजेंसियां इस बिंदु पर जांच कर रही हैं। दिल्ली से आई एनआईए और यूपी एटीएस की टीम हर एंगल की जांच करने में जुटी है।

घटना से पहले देखे गए थे चार संदिग्ध

Roorkee Blast Investigation; Killer Bomb was made in Roorkee Only

धमाके वाली जगह की जांच में पुलिस को जो महत्वपूर्ण जानकारियां मिली है, उनमें यह बात भी शामिल है कि शनिवार को वहां चार संदिग्ध लोग मौजूद थे। पुलिस पेट्रोल पंप और आसपास के मकानों में लगे सीसीटीवी के फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर इन लोगों को पहचाने का प्रयास कर रही है।

शनिवार को हुए धमाके के बाद पुलिस अब तक 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। 13 लोग पुलिस हिरासत में है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस बात के संकेत मिले हैं कि यह बम विहिप के शौर्य दिवस सम्मेलन से दो घंटे पहले यहां पर रख दिया गया था।

संदिग्ध लोग कौन थे और किस इरादे से वहां मौजूद रहे यह सवाल पुलिस को हल करना है। डीआईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि संदिग्धों की मौजूदगी के मामले की जांच की जा रही है।

बम निरोधक दस्ते ने की जांच
धमाके के बाद से रुड़की में अलर्ट है। पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीम ने रविवार को शहर के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और अन्य जगहों पर चेकिंग अभियान चलाया। बम निरोधक दस्ते की टीम के साथ-साथ स्थानीय पुलिस की टीमें भी इस काम में लगी हैं।

बैग में मिला तमंचा
पुलिस की टीमें रोडवेज बस अड्डे के पास संदिग्ध लोगों की भी जांच कर रही थी। कोतवाली के एसएसआई आरके सकलानी ने बताया पुलिस ने रोडवेज बस अड्डे के पास कृष्णानगर निवासी रविंद्र कुमार के बैग से 315 बोर का तमंचा बरामद किया है। बताया गया है यह रोडवेज कर्मचारी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

घर के कोने-कोने में जिंदा है ‘डॉ. तुषार’

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दीपक मिश्रा/ रुड़की

तुषार भले ही अब इस दुनिया में न हो लेकिन घर के कोने-कोने में बसा हुआ है। दीवार, दरवाजे और अलमारी हर जगह तुषार की बनाई पेंटिंग लगी हैं। उसका सपना बड़ा होकर डॉक्टर बनने का था।

धमाके में जान गंवाने वाले 12 वर्षीय मासूम छात्र में डॉक्टर बनने की इतनी ललक थी वह अभी से अपने आपको डॉक्टर मानता था। यहां तक की उसने अपने कमरे के बाहर ‘डॉ. तुषार’ की नेम प्लेट लगाई थी। तुषार के बड़े भाई विशाल ने बताया तुषार ने कमरे को क्लीनिक का रूप दिया हुआ था।

कमरे में उसने दवाइयों को पीसकर खुराक बनाने वाला खरल और कुछ शीशियां भी रखी थीं। स्कूल से आने के बाद वह होमवर्क करता था। इसके बाद वह डॉक्टर बनकर खेलता था।

यही नहीं ‘डॉ. तुषार’ की ड्राइंग भी बहुत अच्छी थी। घर की दीवार, दरवाजे और अलमारी आदि पर तुषार द्वारा बनाई गई कई पेंटिंग लगी हैं। जो रह रहकर परिजनों को तुषार की याद दिलाकर रुला रही हैं। तुषार की मां किरण बार-बार रोते हुए यही कह रही हैं कि ‘तुषार तू तो कहता था मैं बड़ा होकर डॉक्टर बनूंगा, फिर तू क्यों छोड़कर चला गया। अब डॉक्टर कौन बनेगा’।

धमाका प्रदेश सरकार की बड़ी विफलता : निशंक

सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार रात धमाके में मारे गए तुषार के घर पहुंचकर कहा मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। केंद्र सरकार के सामने भी मामला उठाया जाएगा।

तुषार की मौत के जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। देर शाम मृतक के घर पहुंचे निशंक ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा रुड़की बम धमाका प्रदेश सरकार की विफलता है। यह सरकार हर मोर्च पर विफल साबित हुई है।

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