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उत्तराखंडः डेढ़ हजार सड़कों के निर्माण पर संकट

Sun, 13 Sep 2015 11:50 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 13 Sep 2015 11:50 AM IST
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road making will stop on uttarakhand.

वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद उत्तराखंड सरकार को जंगल की भूमि को गैर-वानिकी कार्यों के इस्तेमाल के लिए वन भूमि हस्तांतरण का अधिकार मिला था, ताकि विकास कार्य जल्द शुरू हो जाएं, लेकिन सरकार उसका भरपूर इस्तेमाल नहीं कर पाई।

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अब यह अधिकार आगामी 7 नवंबर को समाप्त होने वाला है तो विभाग में हड़बड़ी मची है। अधिकार अवधि बढ़ाने के लिए सीएम हरीश रावत ने ऋषिकेश पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी से अनुरोध भी किया। अगर केंद्र सरकार नहीं मानी तो डेढ़ हजार सड़कों का निर्माण कार्य फंस जाएगा।
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अधिकार मिले दो वर्ष बीत गए पर आधे से ज्यादा प्रोजेक्ट पर अभी काम ही शुरू नहीं हो पाया है। इनकी कागजी खानापूर्ती में ही 7 नवंबर की तारीख गुजर जाएगी। अगर केंद्र ने अधिकार अवधि नहीं बढ़ाई तो इन कार्यों की स्वीकृति के लिए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की कमेटी के चक्कर काटने पड़ेंगे।
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इसमें कितना वक्त लगेगा, यह तय नहीं है। सीएम हरीश रावत ने प्रधानमंत्री को दिए ज्ञापन में बताया था कि वर्ष 2013 में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए बनाए गए बहुत से प्रोजेक्ट अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं, इसलिए अधिकार अवधि बढ़नी चाहिए।


दरअसल 7 नवंबर को अधिकार अवधि समाप्त होने के बाद प्रदेश सरकार के पास सिर्फ एक हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण का अधिकार रह जाएगा। ऐसे में विकास कार्यों के लिए जो प्रोजेक्ट बने हैं वे फंस जाएंगे। वहीं, लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष प्रमुख अभियंता एचके उप्रेती का कहना है कि 950 सड़कों को ऑनलाइन कर दिया है, बाकी कार्य में तेजी की जा रही है।

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