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चढ़ते-उतरते तापमान से इन बीमारियों का खतरा, कुछ बातों का रखना होगा ध्यान

Fri, 11 Oct 2019 08:50 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 11 Oct 2019 08:50 AM IST
सार

  • सर्दी से बचें, खानपान में बरतें एहतियात, तबीयत खराब होने पर चिकित्सक को दिखाएं

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risk of these diseases from rising temperature, be aware of these tips
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

बारिश के मौसम के बाद अब वातावरण में ठंड भी घुलने लगी है। चढ़ते-उतरते तापमान के कारण इस मौसम में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इन दिनों घरों व आसपास कीड़े-मकोड़ों, बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन आम है। ऐसे मौसम में एहतियात की जरूरत है।

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आरोग्य होम्योपैथी चैरिटेबल क्लीनिक इंदिरा कालोनी के होम्योपैथी फिजीशियन डॉ. कुलदीप ममगाईं ने बताया कि चढ़ते-उतरते तापमान के कारण सर्दी, जुकाम इस मौसम की सबसे आम समस्या है। इन दिनों गले में खराश, सिरदर्द, मांसपेशियों में सूजन व दर्द की शुरुआत से फ्लू व बुखार होता है। दूषित भोजन खाने व पानी पीने से हैजा जैसी बीमारी का डर रहता है।
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उल्टी आना, मुंह सूखना, डिहाइड्रेशन व निम्न रक्तचाप इस बीमारी के मुख्य लक्षण है। डेंगू जैसी घातक बीमारी का प्रकोप भी आजकल के मौसम में बरकरार रहता है। इस मौसम में टाइफाइड की शिकायत भी रहती है। टाइफाइड एक बैक्टीरिया जनित रोग है, जो दूषित खानपान के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है।

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बच्चे इन बीमारियों से जल्द प्रभावित होते हैं

कम भूख लगना, सिर व जोड़ों का दर्द, कमजोरी व गले में सूजन इस बीमारी के आम लक्षण होते हैं। खासतौर पर बच्चे इन बीमारियों से जल्द प्रभावित हो जाते हैं। यह धारणा है कि होम्योपैथी धीमी गति से काम करती है। दरअसल, ऐसा हमेशा नहीं होता है। जब कोई रोगी लंबे समय तक ज्यादा तीव्रता वाली एलोपैथिक औषधियां जैसे स्टरॉयड आदि लेता रहा है और होम्योपैथिक चिकित्सा लेते ही स्टरॉयड एकदम से बंद कर देता है तो लक्षणों की तीव्रता में वृद्धि हो जाती है।

आमतौर पर लोग असाध्य व जटिल रोगों के लिए होम्योपैथी चिकित्सक के पास देर से पहुंचते हैं, इसलिए स्वाभाविक है कि इस तरह के रोगी को ठीक होने में थोड़ा वक्त लगता है। होम्योपैथी में कुछ औषधियों के साथ ही आहार संबंधी परहेज आवश्यक है अन्यथा औषधि का असर कम हो सकता है। मधुमेह के रोगी भी होम्यापैथी दवाओं का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इनमें शक्कर की मात्रा बुहत कम होती है।

ये बरतें एहतियात

- हमेशा ताजे और स्वच्छ सब्जी व फल का सेवन करें
- ताजा गर्म खाना खाएं।
- ज्यादा ठंडा व खट्टे भोज्य-पेय पदार्थ का सेवन न करें। 
- सड़क किनारे बेचे जाने वाले चायनीज फूड, भेल, पानी, पूरी फूड प्वाइजनिंग कर सकते हैं।
- भरपूर स्वच्छ पानी का सेवन करें।
- हमेशा उबाल कर ठंडा किया हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं। 
- ठंडा पेय पीने की बजाय तुलसी, इलायची की चाय या थोड़ा गरम पानी पीना ज्यादा फायदेमंद रहता है।
- ठंड में घूमने से बचें। सुबह और शाम समय गर्म कपड़े जरूर पहन लें। 
- जिसे अस्थमा है या फिर जल्दी सर्दी-जुकाम-खांसी हो जाती है वह ठंड से बचें। 
- बच्चों और बुजुर्गों पर इस मौसम में खासतौर पर ध्यान दें। 
- किसी भी रोग की आशंका होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

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