उत्तराखंडः प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ ‘महारैली’ की ‘महातैयारी’
- शक्ति प्रदर्शन को जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने लगाया दम
- गैर कर्मचारी संगठनों से भी आंदोलन के समर्थन की अपील की
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प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ बृहस्पतिवार को देहरादून में होने वाली महारैली की तैयारी के लिए जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने पूरी ताकत झोंक दी है। पहली बार एसोसिएशन ने आरक्षण विरोध के नाम पर गैर कर्मचारी संगठनों से भी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने को समर्थन मांगा है। सभी जनरल ओबीसी कर्मचारियों से पारिवारिक सदस्यों, छात्रों व नौजवानों के साथ महारैली में भाग लेने की अपील की गई है। महारैली के दौरान कर्मचारी केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का पुतला फूंकेंगे और मुख्यमंत्री आवास को कूच करेंगे।
जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की ओर से उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच, उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक संगठन, उत्तराखंड राज्य वैश्य महासभा, अखिल गढ़वाल सभा व उत्तराखंड कुर्मांचल परिषद को पत्र लिखा गया है। पत्र में प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र है। पत्र में चिंता जाहिर की गई है कि फैसला आने के बाद भी प्रदेश में पदोन्नति से रोक नहीं हटाई गई। पूरे मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है।
सरकार नहीं मानी तो बेमियादी हड़ताल
उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि सरकार ने पदोन्नति से रोक नहीं हटाई तो फिर प्रदेश के सभी कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। महारैली के बाद एसोसिएशन आर-पार की जंग की घोषणा करेगी।
महारैली में गैर कर्मचारी संगठनों के सदस्य भी शामिल होंगे। जनरल ओबीसी कर्मचारी भी अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। ये लड़ाई यहीं नहीं रुकेगी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में पदोन्नति से रोक नहीं हटाई तो फिर आंदोलन का अगला चरण बेमियादी हड़ताल का होगा। - दीपक जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन
अब आंदोलन करो या मरो की नीति पर होगा : परिषद
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ अब आंदोलन करो या मरो की नीति पर होगा। परिषद ने सभी जिला अध्यक्षों को जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की महारैली में बढ़-चढ़कर शिरकत करने का आह्वान किया। मंगलवार को देहरादून स्थित विकास भवन में परिषद की हाई पावर कोर कमेटी की बैठक में प्रमोशन से रोक न हटाए जाने पर नाराजगी जाहिर की गई। कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भी सरकार रोक हटाने से हिचक रही है।
उन्होंने आगाह किया कि प्रमोशन में आरक्षण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार से मांग की गई कि वह योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति के आदेश जारी करे। बैठक में ठाकुर प्रहलाद सिंह, नंद किशोर त्रिपाठी, शक्ति प्रसाद भट्ट, राकेश प्रसाद ममगाईं, गुड्डी मटूड़ा, एसपी सेमवाल, चौधरी ओमवीर सिंह, अनिल बांगा, जगदीश कुमार गुसांई, गिरिजा नंद सेमवाल, सत्यपाल, बबली नेगी, इंद्र मोहन कोठारी, सुभाष चंद्र शर्मा कई अन्य परिषद नेता मौजूद थे।
पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन ने भी कसी कमर
उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन ने भी महारैली की कामयाबी के लिए कमर कस ली है। मंगलवार को यमुना कालोनी स्थित संघ भवन में संगठन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में संगठन से जुड़े सभी कर्मचारी संघों और परिसंघों को 20 फरवरी को महारैली में जुटने की अपील की गई। बैठक में संघों और परिसंघों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। संगठन के प्रदेश महामंत्री पंचम सिंह बिष्ट के अनुसार, महारैली में कर्मचारी बड़ी संख्या में जुटेंगे और अपनी ताकत का एहसास कराएंगे।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार को किसी राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए। पदोन्नति से तत्काल रोक हटाई जाए। बैठक में सभी संघों व परिसंघों पदाधिकारियों का आह्वान किया गया कि वे 20 फरवरी को सुबह 10.30 बजे परेड मैदान में पहुंच जाएं। बैठक में सुनील दत्त कोठारी, पीएन नौटियाल, संदीप मौर्य, अनंतराम शर्मा, बनवारी सिंह रावत, गोविंद प्रसाद बछेती, राय सिंह रौतेला विक्रम सिंह नेगी, रमेश रमोला समेत कई अन्य कर्मचारी नेता उपस्थित थे।