फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Reservation in promotion: general obc employees strike will not end in fear of corona virus

कोरोना वायरस: सरकार को जो रोक लगानी है लगाए, प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ हड़ताल नहीं रुकेगी

Mon, 16 Mar 2020 12:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 16 Mar 2020 12:31 PM IST
सार

  • उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष का एलान
  • लगाया आरोप - कोरोना की आड़ लेकर आंदोलन को दबाना चाहती है प्रदेश सरकार

विज्ञापन
Reservation in promotion: general obc employees strike will not end in fear of corona virus
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने और भीड़ वाले कार्यक्रमों पर कानूनी रोक के बीच उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने एलान किया कि उनका आंदोलन किसी भी कीमत कर नहीं थमेगा।

विज्ञापन


हरिद्वार में आज सोमवार को जनरल- ओबीसी के हड़ताली कर्मचारियों ने एआरटीओ कार्यालय में काम बंद कराया। गाड़ियों का रजिष्ट्रेशन बंद किया। कार्यालय की खिड़की बंद करके कर्मचारी बाहर बैठ गए। रुद्रपुर में हड़ताल के खौफ के चलते कोषागार में कुछ देर के लिए ताला लगाया गया।
विज्ञापन


वहीं दीपक जोशी का कहना है कि  कर्मचारी जरूरी एहतियात बरतते हुए आंदोलन जारी रखेंगे। उनका यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर देती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कोरोना की आड़ लेकर आंदोलन को विफ ल करने का प्रयास कर सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जोशी देहरादून में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शनिवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी। कर्मचारी यह आशा कर रहे थे कि सरकार प्रमोशन से रोक हटाएगी और कर्मचारियों को काम वापस बुलाएगी। सरकार ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित करते हुए कानून बना दिया कि भीड़ भाड़ वाले कार्यक्रमों को प्रतिबंधित किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम सीधे सीधे जनरल ओबीसी कर्मचारियों के आंदोलन को प्रभावित करने की मंशा से उठाया गया है। अब पीछे हटने का सवाल पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार को जो रोक लगानी हो लगाए, अब हड़ताल तभी रुकेगी जब सरकार प्रमोशन से रोक हटाएगी।

पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह गुसांई, पूर्णानंद नौटियाल, अरुण पांडेय, विनोद प्रसाद नौटियाल, मुकेश ध्यानी, प्रताप सिंह पंवार समेत कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

धरना स्थल पर बैठेगी मेडिकल टीम 

जोशी ने कहा कि धरना स्थल पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी। यह मेडिकल टीम कर्मचारियों का बुखार मापने के साथ उन्हें मास्क और सैनिटाइजर की सुविधा प्रदान करेगी। साथ ही उन कर्मचारियों को घर पर रहने की अपील की जाएगी जो जुकाम, सर्दी और खांसी से पीड़ित हैं। दूरदराज के गांवों में कर्मचारी अपने खर्च से ग्रामीणों को मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध कराएंगे। 

स्वास्थ्य सेवाओं को हड़ताल से बाहर किया

जोशी ने कहा कि जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एलोपैथिक डाक्टर, नर्सिंग एवं फार्मासिस्ट स्टाफ व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को बेमियादी हड़ताल से मुक्त रखा गया है। वे सोमवार से हड़ताल में शामिल हो रहे थे।

उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक विभाग के डाक्टर व अन्य स्टाफ हड़ताल में शामिल रहेंगे। हड़ताल के दौरान वे दो के स्थान पर अब ढाई घंटे कार्य बहिष्कार करेंगे। 25 मार्च को एसोसिएशन की हाई पावर संयोजक मंडल की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। 
 
मंगलवार से वाहन चालक भी हड़ताल में

मंगलवार से राजकीय वाहन चालक महासंघ भी हड़ताल में पूरी तरह से शामिल हो जाएगा। ऊर्जा के तीनों निगम हड़ताल में शामिल हो चुके हैं। जल निगम और जल संस्थान के कर्मचारियों ने हड़ताल में भागीदारी शुरू कर दी है। रोडवेज के संगठनों से बातचीत चल रही है। जल्द निर्णय हो जाएगा।

जनरल ओबीसी कर्मचारी नेताओं ने बनाई दूसरी और तीसरी पंक्ति 

प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ आंदोलनरत उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने आंदोलन के नेतृत्व की दूसरी और तीसरी पंक्ति तैयार कर ली है। एसोसिएशन को अंदेशा है कि कोरोना को लेकर राज्य में लागू उत्तराखंड महामारी रोग नियंत्रण कानून के तहत सरकार आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेताओं को गिरफ्तार कर सकती है।

ऐसी स्थिति में आंदोलन की गति को बनाए रखने के लिए सभी जिलों में वैकल्पिक नेतृत्व तैयार कर लिया गया है। शनिवार को प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए उत्तराखंड महामारी रोक नियंत्रण अधिनियम के लागू करने का अहम फैसला लिया। इस कानून के लागू होने पर भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों पर पाबंदी लगा दी गई है।

जिलाधिकारी को अधिकार दिया गया है कि वे ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगाएं। इस बीच उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने अपनी बेमियादी हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। मौसम साफ रहा तो सोमवार को जनरल ओबीसी कर्मचारी परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर जुटेंगे। बारिश में वे सचिवालय के पास वेडिंग प्वाइंट में धरना देंगे।

एसोसिएशन के नेता उत्तराखंड महामारी रोग नियंत्रण कानून के तहत कार्रवाई को लेकर आशंकित है। उन्हें इस बात का खतरा भी सता रहा है कि भीड़भाड़ वाला कार्यक्रम बताकर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेताओं को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है।

इस संभावना के मद्देनजर एसोसिएशन ने सभी जिलों व प्रदेश मुख्यालय पर दूसरी और तीसरी पंक्ति के नेताओं की टीम तैयार की है। एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह गुसांई का कहना है कि गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। एसोसिएशन की जिला इकाइयों ने दूसरी व तीसरी पंक्ति के नेताओं की टीम तैयार कर ली है। प्रदेश स्तर पर भी टीम बनाई जा रही है। 

कर्मचारी जेल भर देंगे

उत्तराखंड कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यकारी प्रांतीय महामंत्री अरुण पांडेय ने कहा कि सरकार ने यदि किसी भी कर्मचारी नेता को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो पूरे प्रदेश में कर्मचारी जेल भरो आंदोलन छेड़ कर जेल भर देंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार ने आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश की तो कर्मचारी चुप नहीं बैठेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed