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निर्भया का दर्द बयां कर रीना ने पाया मुकाम
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 20 Mar 2014 10:19 AM IST
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उत्तराखंड की रीना देश में अव्वल आई है। अगस्त्यमुनि की बीए तृतीय वर्ष की छात्रा रीना मैठाणी ने निर्भया कांड की बरसी पर राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से कराई गई निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
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तमाम प्रतिभागियों को पछाड़ा
रीना ऊखीमठ के पास एक छोटे से गांव मक्कू की रहने वाली हैं। ‘समाज में पैत्रिक मानसिकता से क्या प्रभाव पड़ता है’? विषय पर उसने लेखनी के बल पर अन्य तमाम प्रतिभागियों को पछाड़ा।
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एक अन्य विषय ‘महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या सुरक्षा के आधुनिक उपाय हो सकते हैं’? भी प्रतिभागियों को सुझाया गया था। राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से सभी राज्यों के महिला आयोग को इस बाबत खत भेजा गया था।
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इसके बाद उत्तराखंड महिला आयोग की ओर से राज्य के सभी डिग्री कालेजों में पत्र भेज छात्राओं से एंट्री मंगाई गई थीं।
कुल 50 एंट्री मिली
उत्तराखंड महिला आयोग को निबंध प्रतियोगिता के लिए कुल 50 एंट्री मिली थीं, जिनमें 20 को अंतिम रूप से चुना गया था और राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजा गया था।
रीना हमेशा से ही प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होती रही है। पुरोहिताई का कार्य करने वाले प्रकाश मैठाणी और गृहिणी कुसुम मैठाणी की पुत्री रीना की एक छोटी बहन भी अगस्त्यमुनि में ही अध्ययनरत है।
महिला आयोग, उत्तराखंड की सचिव सुजाता के अनुसार रीना को अब आने वाली 22 मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल अपने हाथों से पुरस्कृत करेंगी।