शक्ति परीक्षण के दिन ही देहरादून आएंगे बागी
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उत्तराखंड से रातों रात दिल्ली लाकर गुड़गांव के पांच सितारा होटल में ठहराए गए कांग्रेस के बागी नौ विधायक और भाजपा के 26 विधायक फिलहाल देहरादून से दूर ही रहेंगे। पार्टी नेतृत्व ने विधानसभा में हरीश सरकार के शक्ति परीक्षण के दिन 28 मार्च को ही इन विधायकों को देहरादून भेजने की योजना बनाई है।
इस बीच उत्तराखंड की सियासत ने दिल्ली की सियासत को भी गरम कर दिया है। कांग्रेस ने इस मामले में कानूनी, सियासी और संवैधानिक विकल्पों के इस्तेमाल की घोषणा करते हुए भाजपा पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है।
भाजपा ने कहा है कि राज्य के हित में कांग्रेस के विधायकों ने निष्ठा बदली है। खरीद-फरोख्त के आरोपों पर पलटवार करते हुए पार्टी ने पूछा है कि क्या राज्य के मुख्यमंत्री भी बिकाऊ हैं। इस बीच सभी विधायक फिलहाल लीला होटल में कड़ी निगरानी में हैं।
उत्तराखंड के कई भाजपा नेताओं के अतिरिक्त पार्टी प्रभारी श्याम जाजू और महासचिव कैलाश विजयवर्गीय दिन भर इस होटल में डेरा जमाए रहे। इसके अलावा पार्टी में शीर्ष स्तर पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ही भावी कानूनी जटिलताओं से निपटने को लेकर रणनीति बनती रही।
कानूनी दांव-पेंच समझने में जुटी भाजपा
इस बीच पार्टी में इससे जुड़े सभी कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श का सिलसिला शुरू हो गया है। पार्टी की मुख्य चिंता यह है कि अगर स्पीकर ने बागी विधायकों की सदस्यता खारिज कर दी, तो इसके लिए क्या रास्ता अपनाया जाए।
हालांकि, पार्टी का कहना है कि चूंकि कार्यवाही शुरू होते ही उसकी ओर से स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जा चुका था, ऐसे में स्पीकर को विधायकों को नोटिस भेजने का हक नहीं है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि विधायकों को देहरादून से बाहर निकालने की योजना बृहस्पतिवार को ही बन गई थी।
इसके लिए इसी दिन चार्टर्ड प्लेन की भी व्यवस्था कर ली गई थी। चूंकि हरियाणा भाजपा शासित राज्य है, इसलिए विधायकों को ठहराने के लिए गुड़गांव के होटल का चुनाव किया गया। होटल के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
इस मामले में भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे पर सियासी पलटवार किए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग और विधायकों के खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के बाद उत्तराखंड में भाजपा रावत सरकार को अस्थिर करना चाहती है। पार्टी चुनाव लड़ कर नहीं जीत पा रही इसलिए इसने खरीद-फरोख्त की राजनीति शुरू की है। इसके जवाब में पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य के हित में कांग्रेस के विधायकों ने बगावत की है।
मोदी सरकार विरोधियों पर तान रही तलवारः रावत
मोदी सरकार में सहिष्णुता को तिलांजलि दे दी गई है। जो भी विरोध में दिखता है, उस पर तलवार तान दी जाती है। हमारे साथ भी यही किया जा रहा है। धन शक्ति, बाहु शक्ति और केंद्रीय सत्ता का दुरुपयोग किया गया।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री
एक माह पहले मैंने कहा था कि धनबल से सरकार को गिराने की कोशिश हो रही है। यह बात सच भी साबित हुई। भाजपा को पता है कि उत्तराखंड में कांग्रेस आएगी तो दिल्ली में भी भाजपा को रवाना होना होगा।
-किशोर उपाध्याय, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस
हम मुख्यमंत्री हरीश रावत की मनमानी से तंग आ गए थे। विकास कार्य ठप पड़ गया था और भ्रष्टाचार चरम पर था। हमने राज्य के हित में रावत सरकार से अलग होने का फैसला किया।
-हरक सिंह रावत, बागी मंत्री, कांग्रेस