संवासिनी मामला: फजीहत के बाद जागी सरकार, SIT करेगी जांच
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सप्ताह भर फजीहत झेलने और मजिस्ट्रीयल जांच में मिलीं खामियों के बाद अंतत: राज्य सरकार ने नारी निकेतन प्रकरण की अग्रिम जांच एसआईटी से कराने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसपी स्तर का अधिकारी एसआईटी का नेतृत्व करेगा।
जांच के लिए मामला एसआईटी को सौंपने से पहले मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव समेत शासन और जिले के आला अफसरों के साथ घंटों मंथन किया। इसके बाद अपर मुख्य सचिव एस राजू ने मामले की जांच एसआईटी से कराने का आदेश जारी कर दिया।
देहरादून स्थित नारी निकेतन में संवासनियों के शोषण को लेकर मचे बवाल के बाद सरकार आखिर एसआईटी से जांच कराने को तैयार हो गई। इस पूरे प्रकरण में हो रही बदनामी और सामाजिक अस्मिता के मद्देनजर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को बीजापुर अतिथि गृह में अफसरों की बैठक बुलाई।
एसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में होगी जांच
बैठक में अपर मुख्य सचिव एस राजू, सचिव भूपिंदर कौर औलख, जिलाधिकारी देहरादून रविनाथ रमन, निदेशक समाज कल्याण वीएस धानिक, एसएसपी सदानंद दाते और एडीएम वित्त एवं राजस्व झरना कमठान को बुलाया गया था।
पूरे एपिसोड पर घंटों विचार विमर्श करने और अधिकारियों द्वारा अब तक मिले सभी तथ्यों से अवगत कराये जाने के बाद मुख्यमंत्री ने नारी निकेतन मामले की अग्रिम जांच एसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी से करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी निकेतन की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए और वहां रहने वाली संवासिनियों के सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यदि मामले में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।