अनुयायियों संग सुरक्षित गंगोत्री लौटे बाबा रामदेव
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योग गुरू बाबा रामदेव गोमुख तपोवन की आध्यात्मिक यात्रा पूरी कर बृहस्पतिवार शाम को गंगोत्री पहुंच गए। उनके साथ 40 अनुयायी भी तपोवन तक गए थे, जबकि शेष 100 गोमुख और भोजवासा से ही लौट आए। शुक्रवार को यह जत्था गंगोत्री से उत्तरकाशी होते हुए हरिद्वार लौटेगा।
मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी हाई अलर्ट के दौरान अपने सैकड़ों अनुयायियों के साथ गंगोत्री, गोमुख, तपोवन की यात्रा पर पहुंचकर राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में छाए योग गुरू बाबा रामदेव बृहस्पतिवार शाम सकुशल गंगोत्री लौटे।
तपोवन तक गए थे बाबा
गोमुख तक गए दल में शामिल भारत स्वाभिमान के केंद्रीय प्रभारी डॉ. जयदीप आर्य ने बताया कि 16 जुलाई को बाबा रामदेव और उनके अनुयायी तीन दलों में भोजवासा, गोमुख और तपोवन तक गए।
इनमें 60 लोग भोजवासा से और 40 गोमुख दर्शन कर लौटे। बाबा के नेतृत्व में 40 सदस्यीय दल बुधवार शाम को ही तपोवन गया था।
तपोवन में रात्रि विश्राम के बाद दल बृहस्पतिवार शाम पांच बजे गंगोत्री पहुंच गया। उन्होंने बताया कि बाबा समेत दल में शामिल सभी लोग सकुशल हैं। गंगोत्री गोमुख क्षेत्र में मौसम अनुकूल है।
गंगा आरती में शामिल होंगे बाबा
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि योग गुरू बाबा रामदेव और उनके अनुयायी गंगा आरती में शामिल होंगे। इस दौरान मंदिर समिति बाबा जी का अभिनंदन भी करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को हाई अलर्ट के नाम पर यात्रियों में भय पैदा करने के बजाय सुरक्षित यात्रा के इंतजाम करने पर ध्यान देना चाहिए।
तपोवन में किया भजन कीर्तन
योग गुरू बाबा रामदेव के जत्थे के साथ गाइड के तौर पर गोमुख तपोवन तक गए उत्तरकाशी के दीपक राणा ने बताया कि गोमुख से आगे बाबा समेत कुल 45 लोग तपोवन गए थे।
वहां सभी लोग रात को पत्थरों से बनी साधुओं की कुटियाओं में ठहरे। रात को वहां भजन कीर्तन का आयोजन किया गया।