फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   ramadan roza

‘मगफरत की मंजिल रमजान का महीना’

Sun, 06 Jul 2014 10:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 06 Jul 2014 10:45 AM IST
विज्ञापन
ramadan roza

‘है रहमतों का हामिल रमजान का महीना, मगफरत की मंजिल रमजान का महीना/ अनवार-ए-बंदगी से दिल अपने जगमगा लो, तुमको अगर हो हासिल रमजान का महीना।’

विज्ञापन


ये है बरकतों के महीने की खासियत
रमजान के मौके पर होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में बरकतों के महीने की खासियत बताई जा रही हैं।

रमजान के रहमतों के पहले अशरे में मेहूंवाला, मियावाला, माजरा, कारगी आदि क्षेत्रों में इफ्तार के बाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मसजिदों में पेश इमाम लोगों को रमजान की अहमियत बताते हैं।
विज्ञापन


इसके साथ ही लोग घरों में नशिश्तों का आयोजन कर रहे हैं। इसके साथ ही रोजा इफ्तार पार्टियों का भी सिलसिला शुरू हो गया है।

नायब शहर काजी मौलाना अशरफ हुसैन कादरी ने बताया कि रमजान का महीना लोगों को सब्र सिखाता है।

भूख-प्यास की सख्ती करते हैं बर्दाश्त
लोग रोजा रखकर भूख-प्यास की सख्ती बर्दाश्त करते हैं। लोगों को चाहिए जब वक्त सख्त हो तो सब्र करें और अपने परवरदिगार में यकीन रखें।

-पैंगबर-ए-इसलाम की पत्नी हजरत खदीजा रजिअल्लाहोताला अन्हा का रमजान के महीने में विसाल हुआ था। उन्होंने सबसे पहले पैगंबर-ए-इसलाम की नबूवत को स्वीकार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed