आंधी तूफान से उत्तराखंड में अब तक छह मौत, तीन लापता
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भीषण बारिश के चलते उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में बड़ी तादाद में लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में टिहरी की घनसाली एवं उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ तहसील रहीं, जहां अत्यधिक वर्षा से त्वरित बाढ़ व मलवा आने की घटनाएं हुईं। इसके चलते सौ से ज्यादा परिवार और पशु प्रभावित हुए हैं।
तहसील घनसाली में घनसाली बाजार, चमियाला बाजार, सीताकोट, गिरगांव, कोठियाड़ा, सिलयारा, अरधांगी एवं कोट में वर्तमान तक लगभग 100 परिवारों के प्रभावित होने के साथ ही 110 मकानों, 34 पशुओं तथा एक व्यक्ति के बहने की सूचना है। ग्राम सीता कोट में चार बैल व पांच भवनों की क्षति, ग्राम-कोटियाड़ा में 100 भवनों व 30 पशुओं की क्षति, ग्राम-गिरगांव में एक भवन, ग्राम-सिल्यारा में तीन भवनों एवं ग्राम श्रीकोट में एक भवन की क्षति की सूचना है।
जिले से प्राप्त सूचना के अनुसार ग्राम-सरूणा, तहसील-घनसाली से विपुल पुत्र श्री सूरत राम के बहने की सूचना भी प्राप्त हुई है, जबकि चमियाला-घनसाली मोटर मार्ग कई स्थानों पर टूटने के कारण अवरुद्ध है। लोक निर्माण विभाग द्वारा पांट जे.सी.बी. मशीनों की सहायता से अवरुद्ध मार्ग को दोबारा शुरू करने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रभावित परिवारों के 300 व्यक्तियों को अस्थायी रूप से बीज गोदाम, 250 व्यक्तियों को वैलेश्वर सामुदायिक भवन एवं 150 व्यक्तियों को स्थानीय आश्रम में ठहराया गया है। प्रभावित परिवारों के भोजन-पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। खोज एवं बचाव कार्य राजस्व विभाग, एसडीआरएफ एवं स्थानीय पुलिस द्वारा किया जा रहा है।
भारी बारिश को लेकर अलर्ट
वहीं जनपद उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ एवं डुण्डा तहसील के अन्तर्गत तीन व्यक्तियों की लापता होने की व सुनैना (16) पुत्री सरद सिंह नेगी की मृत्यु की सूचना है। धरासू बैण्ड के समीप अतिवृष्टि की सूचना पर एसडीआरएफ को खोज एवं बचाव हेतु भेजा गया है। पता चला है कि कि सभी लापता व्यक्ति जंगल में पशु चराने गए थे।
उधर जनपद हरिद्वार में शनिवार आये आंधी-तूफान में पेड़ के गिरने से एक व्यक्ति की मृत्यु की सूचना है। राज्य के अन्य जनपदों से भी मार्गों तथा विद्युत आपूर्ति बाधित होने की खबर है। सीमा सड़क संगठन, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, पुलिस तथा एस.डी.आर.एफ. इन मार्गों को खोल यातायात बहाली का काम कर रही है।
इसी क्रम में देहरादून में तेज हवा के साथ आई बारिश से कई स्थानों पर पेड़ गिरने, विद्युत आपूर्ति के साथ ही यातायात अवरुद्ध हुआ। शासन ने सभी जिलाधिकारियों को पूर्ण सतर्कता बरतने एवं आपदा सेवाओं को चौकस रखने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में अगले 48 घंटे में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। शासन की ओर से संबंधित विभागों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
विशेष रूप से ऐसी बस्तियां या आवास जो नदियों या गदेरों के निकट हैं या जिन बसावटों के निकट भूस्खलन की संभावना है, वहां पर नागरिकों से विशेष सतर्कता रखने का अनुरोध किया गया है। ऐसे स्थानों पर निवास करने वाले सभी नागरिकों को भारी वर्षा की दशा में सुरक्षित स्थानों पर रहने व आसपास की स्थितियों पर नजर बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।