{"_id":"62c3fe2df0cf7d4264530376","slug":"question-on-payment-of-food-to-employees-at-temporary-bus-stand-built-in-haridwar-during-kumbh-mela","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेराफेरी: खाना खाया 383 कर्मचारियों ने, बिल वसूल लिया 1164 का, आरटीआई में हुए चौंकाने वाले खुलासे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेराफेरी: खाना खाया 383 कर्मचारियों ने, बिल वसूल लिया 1164 का, आरटीआई में हुए चौंकाने वाले खुलासे
Tue, 05 Jul 2022 05:34 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Tue, 05 Jul 2022 05:34 PM IST
सार
कुंभ मेले के दौरान रोडवेज के अस्थायी बस अड्डे पर तैनात कर्मचारियों के खाने में बड़ी हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। नौ अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच यहां कुल 383 कर्मचारियों ने खाना खाया लेकिन 1164 कर्मचारियों के हिसाब से बिल का भुगतान कर दिया गया।
विज्ञापन
पैसा
- फोटो : iStock
विस्तार
कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार के दक्ष द्वीप में बनाए गए रोडवेज के अस्थायी बस अड्डे पर तैनात कर्मचारियों के खाने में हेराफेरी का मामला सामने आया है। मामले में मंडल प्रबंधक की ओर से रुड़की डिपो के सहायक महाप्रबंधक से जवाब तलब किया गया है।
विज्ञापन
कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार मेला स्थल में यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी बस अड्डा बनाया गया था। जहां करीब 20 कर्मचारी तैनात किए गए थे, जिनके खाने का इंतजाम कैंटीन से किया गया था। यहां हुए भुगतान की जानकारी एक व्यक्ति ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
विज्ञापन
पता चला कि नौ अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच यहां कुल 383 कर्मचारियों ने खाना खाया लेकिन 1164 कर्मचारियों के हिसाब से बिल का भुगतान कर दिया गया। इससे उपस्थित कर्मचारियों और बिल भुगतान के बीच 781 का अंतर आ रहा है। मामले की शिकायत आरटीआई के साथ परिवहन निगम मुख्यालय पहुंची। निगम मुख्यालय ने मंडल प्रबंधन को कार्रवाई के लिए आदेश दिए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...तो कहां गया वीर: निगलने के शक में लोगों ने कर दी बेकसूर की हत्या, एक्सरे में मगरमच्छ के पेट में भी नहीं दिखा बच्चा
इस आधार पर मंडल प्रबंधन ने रुड़की डिपो के सहायक महाप्रबंधक से जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा है कि उपस्थित कर्मचारियों के सापेक्ष इतनी अधिक संख्या में बिल भुगतान क्यों किया गया है? जिन 781 कर्मचारियों का अंतर आ रहा है, उनकी उपस्थिति पंजिका की छायाप्रति भी मांगी गई है।