सूखे पहाड़ों के हलक तर करेगा ये अनोखा 'पंप'
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श्रीनगर (गढ़वाल) के इंटर कॉलेज ढामकेश्वर की छात्रा शिवांगी का पंपिंग मॉडल पहाड़ के बिजली विहीन गांवों में पानी पहुंचाएगा।
परीक्षण के दौरान मॉडल 160 फुट की ऊंचाई तक पानी पहुंचाने में सफल रहा। शिवांगी के इस मॉडल का चयन राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के लिए किया गया है।
दसवीं की छात्रा शिवांगी ने एक ऐसा पंपिंग मॉडल ईजाद किया है, जो बिना बिजली व ईंधन के काफी ऊंचाई तक पानी पहुंचा सकता है।
पंपिंग मॉडल भौतिक विज्ञान के पास्कल के सिद्धात पर आधारित है। इसमें बड़ी टंकी को 50-60 फुट गहरे कुएं में डाला जाएगा। टंकी में लगे प्रेशर पंप से पानी को आसानी से लगभग दो हजार फुट तक की ऊंचाई तक पहुंचाया जा सकता है।
विज्ञान महोत्सव में राज्य स्तर पर मिला द्वितीय स्थान
पंप को हाथ व पांव दोनों से चलाया जा सकता है। बड़े स्तर पर प्रेशर पंप के पैडल को पानी की धार से भी चलाया जा सकता है। शिवानी के इस मॉडल को राज्य शैक्षिक अनुसंधान की ओर से आयोजित 10वें विज्ञान महोत्सव में राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान मिला है।
अब यह मॉडल वर्ष 2015 में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में प्रदर्शित किया जाएगा। विज्ञान अध्यापक आशीष रावत ने बताया कि मॉडल के राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित होने पर इसका उपयोग हो पाएगा
क्या है पास्कल का सिद्धांत
किसी क्षेत्रफल में किसी एक स्थान पर अगर हम दबाव आरोपित करते हैं तो वह सभी जगहों पर समान रूप से संचालित होता है।