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फसलों को सुरक्षा कवच: प्रदेश सरकार बागवानों को एंटी हेलनेट लगाने पर देगी 25 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी

Sun, 24 Apr 2022 05:31 PM IST
रेनू सकलानी भूपेंद्र राणा , अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा , अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 24 Apr 2022 05:31 PM IST
सार

फसलों की सुरक्षा के लिए बागवानी मिशन के तहत केंद्र सरकार ने एंटी हेलनेट योजना शुरू की है। जिसमें केंद्र की ओर से बगीचों में एंटी हेलनेट लगाने पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।

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protection of crops, 25 percent additional subsidy will be available on anti hellnet
फसल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

औद्यानिकी फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए प्रदेश सरकार बागवानों को एंटी हेलनेट लगाने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दे सकती है। इससे सेब समेत अन्य फलों को ओलावृष्टि से सुरक्षा कवच मिलेगा। प्रदेश में हर साल ओलावृष्टि होने पर सेब व अन्य औद्यानिकी फसलों को नुकसान होता है।

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फसलों की सुरक्षा के लिए बागवानी मिशन के तहत केंद्र सरकार ने एंटी हेलनेट योजना शुरू की है। जिसमें केंद्र की ओर से बगीचों में एंटी हेलनेट लगाने पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। प्रदेश में छोटे और मझोले किसान हैं। जो एंटी हेलनेट लगाने के लिए 50 प्रतिशत राशि देने की स्थिति में नहीं है। जिससे किसानों को औद्यानिकी फसलों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार 25 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दे सकती है।

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हालांकि, इस पर वित्त विभाग की सहमति मिलने बाकी है। जनवरी में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों को एंटी हेलनेट लगाने के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी देने की सहमति दी गई। जिसमें यह शर्त रखी गई कि किसानों को सब्सिडी पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी। जिससे लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता बनी रहे। छोटे किसानों को प्राथमिकता के आधार पर अनुदान का लाभ दिया जाए। 

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2.96 लाख हेक्टेयर पर औद्यानिकी फसलों का उत्पादन

प्रदेश में कुल कृषि के अधीन 7.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल है। जिसमें 2.96 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में औद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जाएगा। प्रदेश के 4.50 लाख किसान बागवानी से जुड़े हैं। राज्य में औद्यानिकी फसलों का सालाना 3250 करोड़ का कारोबार किया जाता है। उद्यान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 181485 हेक्टेयर क्षेत्र में 677369 मीट्रिक टन फलों का उत्पादन किया जाता है। इसमें 25785 हेक्टेयर पर 62090 मीट्रिक टन सेब उत्पादित होता है। 
 

प्रदेश में 68.65 लाख वर्गमीटर क्षेत्रफल में एंटी हेलनेट

वर्ष 2017 से 2021 तक बागवानी मिशन के तहत किसानों ने 68.65 लाख वर्गमीटर पर एंटी हेलनेट लगाए हैं। ओलावृष्टि होने पर एंटी हेलनेट से फलों को बचाया जा सकता है।

एंटी हेलनेट पर किसानों को 25 प्रतिशत सब्सिडी देने का सरकार ने निर्णय लिया है। वित्त विभाग से इस पर अनुमति मिलनी है। एंटी हेलनेट लगाने से सेब व अन्य औद्यानिकी फसलों को शत प्रतिशत तक ओलावृष्टि से बचाया जा सकता है। फलों पर दाग न पड़ने से किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे। 
- डॉ. एचएस बवेजा, उद्यान निदेशक

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