मामला दबाने के चक्कर में फंस गया नेताजी का साला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीजा को बचाने के लिए उसने ही युवती के साथ पूरी डील की। युवती को नकदी भी अजय ने ही मुहैया कराई। अब पुलिस उस पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
अब तक हुई 45 लाख की पुष्टि
सोनीपत के पूर्व सांसद किशन चंद सांगवान के बेटे प्रदीप सांगवान के यौन शोषण प्रकरण में रोज नए मोड़ आ रहे हैं। फोन टैपिंग में जिस अजय का नाम आया था, उसका पूरा नाम अजय मान है।
वह प्रदीप का साला है। बताया जा रहा है कि जीजा को ‘संकट’ से उबारने के लिए डील की जिम्मेदारी अजय को दी गई थी। डीजीपी बीएस सिद्धू ने इसकी पुष्टि की।
एसआईटी की अब तक की जांच में डील में युवती को 45 लाख रुपए दिए जाने की पुष्टि हुई है। इसमें से नौ लाख रुपए कैश दिए गए, जबकि 36 लाख रुपए का मकान खरीदकर दिया गया। जांच में यह रकम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
36 लाख का मकान 17 लाख में दिखाया
बंजारावाला में जो मकान युवती ने खरीदा, उसकी असल कीमत 36 लाख है। लेकिन स्टांप शुल्क से बचने के लिए कीमत 17 लाख रुपए दिखाई गई।
पुलिस ने पहले बैनामा कराने वाली महिला मीनाक्षी बिष्ट से बात की, लेकिन उन्होंने पति को जानकारी होने की बात कही।
दिल्ली में मौजूद बिष्ट के पति ने भी कीमत 17 लाख बताई, लेकिन कमीशन लेने वाले प्रापर्टी डीलर ने पूरा सच उगल दिया।
प्रापर्टी डीलर की वीडियोग्राफी
एसआईटी ने प्रापर्टी डीलर से पूछताछ की वीडियोग्राफी कराई है, ताकि बाद में वह मुकर न सके। वीडियोग्राफी में मकान खरीदने की रकम के साथ कमीशन का भी उल्लेख है।
आयकर विभाग करेगा जांच
45 लाख रुपए के मामले में पुलिस की तरफ से आयकर विभाग को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है। अजय मान के पास यह रकम कहां से आई, इसकी जांच विभाग करेगा।
इसके अलावा स्टांप चोरी कर मकान की बिक्री के 19 लाख रुपए छिपाने वाले मकान मालिक के खिलाफ भी रिपोर्ट दी गई है। आने वाले दिनों में उनकी मुसीबत भी बढ़ सकती है।