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चाबी के छल्ले में राशि का डाक टिकट

Sat, 01 Feb 2014 05:05 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 01 Feb 2014 05:05 PM IST
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postal ticket in key ring

डाक टिकट चस्पा हुए काफी मग, बुक मार्क पुरानी बात हुए। डाक विभाग ने अब डाक टिकट के आकार के ऐसे चाबी के छल्ले भी उतार दिए हैं, जिन पर नाम और जन्म राशि उकेरी हुई है।

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इन्हें प्रदर्शन और खरीदारी के लिए डाक विभाग की तरफ से जाखन स्थित एक माल में प्रदर्शनी में रखा गया है।
जीपीओ की यह दो दिवसीय फिलाटेलिक प्रदर्शनी शुक्रवार से शुरू हुई।

प्रदर्शनी मे दिखे टिकट
प्रदर्शनी में अलग-अलग विषयों पर डाक टिकट संग्रहों को प्रदर्शित किया गया। इन पर पर्यावरण से लेकर भारतीय सिनेमा के इतिहास तक पर टिकट मौजूद थे।

इंटरनेशनल यूनियन कंजरवेशन आफ नेचर, यूनाइटेट नेचर फ्रेमवर्क आफ क्लाइमेट चेंज, एंडमिक स्पीसीज आफ इंडियन बायोडायवर्सिटी हाट स्पाट्स, बर्ड सेंचुरी भरतपुर इन डेंजर्ड बर्ड्स आफ इंडिया पिजन एंड स्पैरो, वाइल्ड फ्लावर्स आफ इंडिया संग्रह खूब सराहे गए। 100 इयर्स आफ इंडियन सिनेमा को भी सराहना मिली।
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माई स्टैंप की सुविधा
प्रदर्शनी के दौरान डाक विभाग ने ‘माई स्टैंप’ की सुविधा भी मुहैया कराई। स्टाल पर सबसे ज्यादा आवाजाही इसी सुविधा का फायदा उठाने वाले लोगों की थी।

टिकट पर अपनी फोटो देख लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। 12 टिकट वाली शीट का सेट तैयार किया गया। प्रदर्शनी आज भी सुबह 11 बजे से शाम छह बजे तक चलेगी।
 
मदर टेरेसा के बाद केवल सचिन पर मिनिएचर
जीवनकाल के दौरान केवल दो ही लोगों पर डाक विभाग ने मिनिएचर जारी किया। एक थीं मदर टेरेसा, दूसरे सचिन। सचिन पर जारी मिनिएचर विभाग ने प्रदर्शनी में बिक्री के लिए रखा भी। मिनिएचर सचिन के 200वें टेस्ट खेलने के ऐतिहासिक अवसर पर जारी किया गया था।
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टिकट पर श्रीमद्भागवत गीता, रामायण, मास्क भी
प्रदर्शनी में श्रीमद्भागवत गीता, रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों के अलावा मास्क यानी मुखौटों पर जारी डाक टिकट भी लोगों को खूब भाए।

इसके अलावा मधुबनी पेंटिंग, भारत के त्योहार, खजुराहो, क्राफ्ट म्यूजियम, इंडियन डांस पर आधारित संग्रह भी आकर्षण रहे।

कम रहा बजट, लिहाजा स्टाल हुआ ‘दूर’
प्रदर्शनी के लिए बजट बेहद कम था, लिहाजा स्टाल भी लोगों से ‘दूर’ हुआ। कई लोग ऐसे थे, जिन्हें पता नहीं था कि माल में किस जगह यह प्रदर्शनी लगी है, लिहाजा वह पूछताछ कर लौटते रहे।

एपीएम (बिजनेस डेवलपमेंट) के अनुसार माल वालों ने सूचना का बोर्ड लगाने नहीं दिया, इस वजह से दिक्कत हुई।

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