ऋषिकेश में प्रतिबंध बेअसर, धड़ल्ले से हो रहा पॉलिथीन का इस्तेमाल, नींद में अधिकारी
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ऋषिकेश में सब्जी मंडी, रेहड़ी-ठेली से लेकर फलों की दुकान और किराना स्टोर में प्रतिबंधित पॉलिथीन का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। लाख कोशिशों के बाद भी नगर निगम प्रशासन इसे रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। एक अगस्त 2018 से प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में पूरी तरह से पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए गए थे।
इसके अलावा एनजीटी ने भी गंगा नदी के किनारे बसे शहरों में पॉलिथीन के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने भी समीक्षा बैठक के दौरान पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध की हिदायत दी थी।
इसके बावजूद पॉलिथीन के प्रयोग पर प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से समय-समय पर पॉलिथीन को प्रतिबंध करने के लिए नगर क्षेत्र के प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की जाती रही है। इस दौरान निगम प्रशासन ने छापा मारकर व्यापारियों से करीब दो लाख जुर्माना भी वसूला।
स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई के कुछ समय तक नगर के व्यापारी पॉलिथीन के इस्तेमाल को तो बंद कर देते हैं। जैसे ही मामला कुछ समय के लिए शांत हुआ फिर से पॉलिथीन का प्रयोग शुरू हो जाता है।
पॉलिथीन को प्रतिबंधित करने के लिए स्थानीय प्रशासन कोई ठोस नीति नहीं बना पा रहा है। शहर की नालियों, सार्वजनिक स्थानों और कूड़े के ढेरों में हर तरफ पॉलिथीन ही नजर आ रही है।
शहर की नालियां चोक होने के साथ ही पर्यावरण प्रदूषण को बढ़ाने में पॉलिथीन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगने के एक साल बाद भी प्रदेश में पॉलिथीन प्रतिबंधित होती नजर नहीं आ रही है।
यहां हो रहा पॉलिथीन का इस्तेमाल
वर्तमान में सब्जी मंडी ऋषिकेश, सब्जी मंडी चंद्रभागा, सब्जी मंडी चौदहबीघा, रेहड़ी, पटरी, सार्वजनिक स्थान त्रिवेणी घाट सहित नगर क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर खुलेआम पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है।
पॉलिथीन के प्रयोग को लेकर व्यापारियों का कहना है कि जब तक पॉलिथीन बनाने वाली फैक्ट्रियों पर प्रतिबंध नहीं लगेगा तब तक पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं हो सकता है। वर्तमान में हर वस्तु पॉलिथीन की पैकिंग में आ रहा है। अगर छोटा या बड़ा व्यापारी पॉलिथीन देना बंद कर देता है तो इससे कोई स्थायी समाधान निकलने वाला नहीं है।