जमीन के भीतर से निकल रहा ‘जहरीला’ पानी
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ऊधमसिंह नगर में फैक्ट्रियों के धुएं और राख से छुटकारा तो मिल नहीं पाया है। अब करीब 25 हजार आबादी के सामने भूजल प्रदूषित होने की नई समस्या खड़ी हो गई है।
लालपुर में पिछले कई माह से जगह-जगह ‘जहरीला’ पानी निकल रहा है। इस पानी का रंग आसमानी है और इसके सूखने पर चूने की जैसी परत बन जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक घूंट पानी पीने से भी सुस्ती के साथ चक्कर आने लगता है।
घूंट भर पीने से आता है चक्कर
लालपुर के लोग आशंका जता रहे हैं कि आसपास की करीब 90 फैक्ट्रियां अपना कुछ ड्रेनेज जमीन में डाल रही हैं, जिससे भूजल ‘जहरीला’ हो गया है। सिंचाई के बाद खेत में चूने की जैसी परत जम जाती है।
इस पानी से नहाने पर शरीर में दाने निकल आते हैं और खुजली होने लगती है। जरा सा पानी पीने पर चक्कर आने लगता है। इस पानी से पेट की बीमारियों और खेती बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है।
हैंडपंप से भी आ रहा रंगीन पानी
लालपुर के गुरुद्वारा नानकसर ठाट रोड पर रुद्रपुर के केवल बत्रा ने खेती के लिए जमीन खरीदी। सिंचाई के लिए उन्होंने खेत में पिछले साल बोर कराया, महीने भर तक तो साफ पानी निकला। इसके बाद से आसमानी रंग का पानी निकल रहा है।
गुरुद्वारा नानकसर ठाट परिसर में भी हैंडपंप से ऐसा ही पानी निकल रहा है। गुरुद्वारे के पास अमरजीत सिंह के खेत में भी बोर से आसमानी पानी निकल रहा था, उन्होंने बोर को ही बंद करा दिया।
पानी के नमूने लिए जाएंगे
किसानों को आशंका है कि फैक्ट्रियों के ड्रेनेज से भूजल केमिकलयुक्त हो गया है। लोगों के भीतर अब बीमारियों के आने का डर समा रहा है।
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सोमपाल सिंह ने बताया कि पानी के नमूने लिए जाएंगे। इसके बाद ही पता चलेगा कि पानी में कौन से रसायन मिले हैं और कौन से उद्योग इसके लिए जिम्मेदार हैं। दोषी फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।