पांच साल में तीन से नौ साल तक बढ़ गई इन नेताओं की उम्र
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उत्तराखंड के राजनेताओं के खेल पकड़ पाना हर किसी के वश की बात नहीं है। कई बार तो ये कुदरत के नियमों को भी मात दे देते हैं।
वैसे तो एक साल में हर आदमी की उम्र एक साल ही बढ़ती है, लेकिन नेताओं के मामले में यह व्यवस्था लागू नहीं होती। इसका नमूना मिला प्रत्याशियों के हलफनामे में, जिसमें बीते चुनाव के मुकाबले इस बार कुछ नेता मात्र तीन साल तो कुछ नौ साल तक बड़े हो गए। आइए एक-एक करके आपको इनकी घटती-बढ़ती उम्र से वाकिफ कराते हैं।
कुंवर प्रणव चैंपियन -: उम्र बढ़ाने में कुंवर वाकई चैंपियन निकले। हरिद्वार की खानपुर सीट से उन्होंने वर्ष-12 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था। उस वक्त दाखिल हलफमाने में उन्होंने खुद को 43 साल का दर्शाया था। इधर बीते वर्ष हुई बगावत के बाद उन्होंने भाजपा का हाथ क्या थामा, उम्र को जैसे पंख लग गए। पांच साल बाद अब वे भाजपा के टिकट से चुनाव मैदान में हैं। मगर इस बार उन्होंने खुद को 52 साल का होना दिखाया है।
पिछले चुनाव में 60 साल अब 67 साल उम्र
यशपाल आर्य -: बेटे संजीव आर्य को नैनीताल से टिकट न मिलने पर भाजपा के साथ आए यशपाल आर्य का भी हाल कुछ ऐसा ही है। कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे यशपाल पिछले विधानसभा चुनाव में बाजपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। हलफनामे के मुताबिक उस वक्त वे 60 साल के थे। लेकिन पिछले पांच साल में उनकी उम्र सात साल बढ़ गई। इस चुनाव में उन्होंने खुद को 67 साल का होना बताया है।
सुरेंद्र सिंह नेगी -: राज्य के चर्चित स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी भी उम्र से तेज चलने वालों की सूची में शामिल हैं। कोटद्वार से कांग्रेस की टिकट पर दोबारा चुनाव मैदान में उतरे नेगी ने विधानसभा चुनाव-17 के लिए आयोग को दिए हलफनामे में अपनी उम्र 68 वर्ष बताई है। इसके पहले विधानसभा चुनाव-12 में उन्होंने खुद को 62 साल का बताया है। अब यह बात तो खुद सुरेंद्र सिंह नेगी ही बता सकते हैं कि पांच साल में वे छह साल कैसे बड़े हो गए।
पिछले चुनाव में 30 साल अब 33 साल उम्र
भीमलाल आर्य -: अपनी हरकतों से चर्चा में आए घनसाली के पूर्व विधायक भीमलाल आर्य तो अपनी उम्र से पीछे चल रहे हैं। भाजपा की टिकट से विधायक बने भीमलाल पिछले चुनाव में 30 साल के थे। इस बार बगावत की आंधी में उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। घनसाली सीट से इस बार वे पंजे के भरोसे चुनाव मैदान में हैं। नामांकन के दौरान दाखिल हलफनामे में भीमलाल ने अपनी उम्र 33 साल बताई है। यानी उनकी उम्र पिछले पांच साल में मात्र तीन साल ही बढ़ी।
ये भी पांच साल में तीन साल बड़े हुए
उम्र से पीछे चलने वालों में भीमलाल की तरह ही द्वाराहाट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे मदन सिंह बिष्ट का भी हाल है। पिछले चुनाव में बिष्ट 51 साल के थे और इस बार महज 54 साल के। वहीं अल्मोड़ा से मनोज तिवारी और पिथौरागढ़ से मयूख सिंह महर भी पांच साल में मात्र तीन साल ही बड़े हुए हैं।