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तबादलों पर हावी हुआ राजनीतिक दबाव
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 05 Oct 2013 01:17 PM IST
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उत्तराखंड में कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादले की प्रक्रिया में राजनीतिक दबाव हावी नजर आता है।
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ताजा मामला वन विभाग का है। यहां प्रांतीय वन सेवा (पीएफएस) के पांच अधिकारी भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों पर राजनीतिक जुगाड़ की बदौलत भारी पड़ रहे हैं। पांचों 18 सितंबर को जारी हुए तबादले के आदेश के बाद भी कुर्सियों पर जमे हुए हैं।
राजनीतिक दबाव बनाया
शासन ने भारतीय वन सेवा के पांच नए अफसरों की तैनाती हरिद्वार, पौड़ी, रामनगर, पिथौरागढ़ और पुरोला वन प्रभाग में की थी। इन प्रभागों में पहले से प्रांतीय वन सेवा के अधिकारी तैनात थे। स्थानांतरण आदेश आते ही पांचों ने राजनीतिक दबाव बनाना शुरू कर दिया।
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एक-एक अफसर ने चार-चार विधायकों से सिफारिश करवाई। इसके बाद शासन ने प्रमुख वन संरक्षक को स्थानांतरण आदेश में संशोधन के लिए मौखिक आदेश दिया है। कहा गया है कि अभी कोई ज्वाइनिंग नहीं देगा। शासन के इस कदम से आईएफएस अधिकारियों को तगड़ा झटका लगा है।
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इन्हें भी पोस्टिंग नहीं
आईएफएस अधिकारी मुख्य वन संरक्षक धनंजय मोहन, विनीत पांगती प्रतिनियुक्ति पर गए थे। दोनों लौटकर वन विभाग में ज्वाइनिंग दे चुके हैं, लेकिन लंबे समय से शासन इन्हें भी कहीं पोस्टिंग नहीं दे रहा है। वन संरक्षक विवेक पांडे को पश्चिमी वृत्त का प्रभारी बनाया गया है।
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