किंग कोबरा मामले में पुलिस के हाथ खाली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किंग कोबरा मामले में गिरफ्तार सपेरे से वन विभाग की टीम 28 दिन बाद भी कुछ नहीं उगलवा पाई है। हालांकि, इस बीच अदालत से तीन बार सपेरे को रिमांड पर लिया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही सच सामने आ जाएगा।
13 जनवरी को आशा रोड़ी चेक पोस्ट से वन विभाग की टीम ने किंग कोबरा के साथ फरीदाबाद (हरियाणा) निवासी सूरज नाथ नामक सपेरे को गिरफ्तार किया था।
अब तक तीन बार रिमांड पर लेने के बावजूद मामले में वन विभाग की टीम कोई साक्ष्य नहीं जुटा पाई है। जांच अधिकारी बताते हैं कि सपेरा किसी भी व्यक्ति से अपना संपर्क होने से इनकार कर रहा है।
इस बीच जनवरी माह के शुरू में वन विभाग के दल पर हमला करने वाले सपेरा बस्ती के तीन युवकों ने भी किंग कोबरा तस्करी मामले में शामिल होने से इनकार किया है।
सपेरा बस्ती के लोगों के साथ होगी बैठक
सल्लू सांप के अवैध शिकार के बाद इन्हें गिरफ्तार करने पहुंचे वन विभाग के दल पर हमला करके परमजीत, बिट्टा और राकेश घटनास्थल से भाग गए थे। कुछ दिन पहले ही तीनों ने आत्मसमर्पण किया है।
वन्य जीवों के अवैध शिकार से सपेरों को दूर रखने के लिए राजाजी नेशनल पार्क द्वारा रोजगार के तरीकों को बताने के लिए की गई पहल के तहत सपेरा बस्ती के लोगों से इस सप्ताह बैठक की जाएगी।
रामगढ़ रेंज के अधिकारी राकेश नेगी का कहना है कि पार्क की निदेशक नीना ग्रेवाल और स्थानीय छावनी पार्षद वीना नौटियाल के अलावा दूसरे लोग भी इस बैठक में शामिल होंगे। बैठक सपेरा बस्ती में होनी है।