'पीएम का भाई नहीं, मैं तो भक्त हूं'
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रविवार को हरिद्वार के चेतन ज्योति आश्रम में रामकथा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के भाई पंकज मोदी क्या आए संतों ने रामकथा में मोदी का गुणगान शुरू कर दिया।
अपने बीच प्रधानमंत्री के भाई पंकज मोदी के आने से अभिभूत संत करीब दो घंटे तक मोदी चालीसा पढ़ते रहे। इस दौरान राम और उनकी कथा का जिक्र कम ही आया। पूरे कार्यक्रम के दौरान पंकज मोदी ही ऐसे वक्ता रहे जिनके संबोधन में प्रधानमंत्री का नाम नहीं आया।
चेतन ज्योति आश्रम में चल रही रामकथा रविवार को संपन्न हो गई। समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी भी पहुंचे। अधिकतर वक्ताओं ने पंकज मोदी का परिचय प्रधानमंत्री के भाई के तौर दिया।
इस पर पंकज मोदी ने कहा कि ‘दिया गया परिचय मेरा नहीं हैं। मैं तो सिर्फ एक भक्त हूं। यही मेरा परिचय है’। उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में संतों का आभार जताया। उन्होंने एक बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अथवा केंद्र सरकार का जिक्र नहीं किया।
मोदी के भाई को देख शुरू हुआ मोदी चालीसा
दूसरी ओर कई संत पंकज मोदी के बहाने नरेंद्र मोदी का गुणगान करने में लगे रहे। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि नरेंद्र मोदी को मिली भारी मतों की जीत संतों का आशीर्वाद है। वे यह बताना भी नहीं भूले कि नरेंद्र मोदी के पीएम बनने की घोषणा सबसे पहले उन्होंने ही की थी।
महंत बलराम महाराज ने कहा कि मोदी परिवार में जगन्नाथ भगवान के संस्कार हैं। श्यामसुंदर दास महाराज ने कहा कि आज गुजरात से ही निकले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का फोटो पैसों के नोट पर है, कल नरेंद्र का फोटो नोट पर आएगा।
चेतन ज्योति आश्रम अध्यक्ष ऋषिश्वरानंद महाराज ने पंकज मोदी को परम संत की उपाधि से सम्मानित किया। संत की उपाधि मिलने पर पंकज मोदी ने संत समाज का आभार व्यक्त किया।