पिथौरागढ़: सिलिंडर से धधकी आग में स्वाह हुआ दो मंजिला मकान, 58 तोला सोना समेत सारा सामान जला
- कमद गांव में हुआ हादसा, अग्निकांड से तीनों परिवारों हो गए बर्बाद
- एक पीड़ित के दूसरे घर में ली सबने शरण, सिलिंडर से लगी थी आग
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उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के कमद गांव में सिलिंडर से भड़की आग की वजह से दो मंजिला मकान पूरी तरह तबाह हो गया। मकान में तीन परिवार रहते थे, जिनकी सारी गृहस्थी जल जाने से सभी सड़क पर आ गए हैं। अग्निकांड में 58 तोला सोने के गहने और 1.61 लाख रुपये की नकदी भी जल गई।
बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे बसंती देवी के घर में सिलिंडर से आग लग गई। आग का पता चलने पर बसंती देवी ने शोर मचाया, लेकिन जब तक लोग मदद को पहुंचते तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। छत की बल्लियों और तख्तों के आग पकड़ लेने से मकान से ऊंची लपटें उठने लगी।
मौके पर पहुंचे लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया पर उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। आग की लपटें इतनी तेजी से फैली की बसंती देवी के घर से सटे केशर सिंह पुत्र दीवान सिंह और पूरन सिंह पुत्र दौलत सिंह के मकान भी चपेट में आ गए।
अग्निकांड में केशर सिंह के 25 तोला सोने के जेवरात, 1.30 लाख की नकदी, पूरन सिंह का 25 तोला सोना और 16 हजार की नकदी और बसंती देवी का आठ तोला सोना और 15 हजार की नकदी सहित घर का सारा सामान जल गया।
बसंती देवी की दो बकरियां भी जलकर मर गई जबकि दो बकरियां और भैंसें झुलस गई हैं। अग्निकांड में पीड़ित केशर सिंह का एक और मकान है। सभी लोग उनके ही मकान में शिफ्ट हो गए हैं।
आग लगने की सूचना पर नायब तहसीलदार दिनेश कुटौला, एसआई मोहन जोशी, राजस्व उपनिरीक्षक सुरेंद्र खत्री, कांस्टेबल संजय, राहुल, इंडेन के प्रबंधक सुरेश सिंह और ग्राम विकास अधिकारी गिरीश गहतोड़ी ने मौका मुआयना किया। अग्निकांड पीड़ितों ने प्रशासन से जांच कर मुआवजा देने की मांग की है।