पहाड़ पर आग रुके इसलिए सरकार काटेगी चीड़ के पेड़
आग से निपटने के लिए सरकार पहाड़ों पर फैले चीड़ के पेड़ों की कटाई करना चाहती है ताकि हर साल लगने वाली जंगल की आग और उससे होने वाले नुकसान का स्थाई हल निकल सके।
इसके लिए उत्तराखंड की सरकार शीघ्र ही केंद्र सरकार से चीड़ के पेड़ों को काटने की अनुमति मांगने की तैयारी में है।
पहाड़ पर आग से सरकार परेशान
मुख्यमंत्री हरीश रावत और वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि प्रदेश के हर फॉरेस्ट डिवीजन में सौ से पांच सौ एकड़ तक चीड़ के पेड़ काटने की अनुमति केंद्र सरकार से मांगने जा रहे हैं।
इन पेड़ों की जगह चौड़ी पत्ती के विभिन्न प्रजाति के पौधे रोपे जाएंगे। इस योजना को पूरा करने के लिए सरकार ने दस वर्षीय खाका तैयार किया है। इतना ही नहीं इन वन क्षेत्रों के पास वॉटर बॉडी भी बनना शुरू करेंगे।
मुख्यमंत्री का कहना है कि चीड़ में लगने वाली आग तेजी से नुकसान पहुंचाती है। साथ ही बायोडायवरसिटी पर भी बुरा असर पड़ रहा है। पहाड़ों में आग की वजह से प्रदूषण और दृश्यता भी कम हो रही है।
आपदा पीड़ितों को वन भूमि पर बसाएंगे
मुख्यमंत्री का कहना है कि केंद्र सरकार से इस बात की अनुमति भी मांग रहे हैं कि आपदा से पीड़ित परिवार व गांवों को तराई व भावर के मिक्स फॉरेस्ट इलाकों में बसाया जाए।
वहीं पहाड़ों में तमाम ऐसे गांव हैं जिनके पास पंचायती वन है जिन्हें काटकर उन्हें बसाया जाए और उतना वन क्षेत्र हम और कहीं विकसित करें। इसके लिए एमओयू भी हो सकता है।