बेटे की चाह में हो गई दूसरी बेटी, ससुरालियों ने माँ का किया बुरा हाल
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‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा सिर्फ सरकारी स्लोगनों और राजनीतिक पार्टियों के मंचों तक सीमित है। समाज में बेटे की चाह में आज भी महिलाएं ससुरालियों के उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं।
ऐसा ही एक मामला नेहरू कालोनी थाने के केदारपुर में सामने आया है। बेटे की चाह में विवाहिता ससुरालियों के जुल्म का शिकार बन गई। रोजाना की मारपीट का विरोध करने पर ससुरालियों ने विवाहिता को घर से निकाल दिया।
विवाहिता ने पति समेत सास और जेठानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस के मुताबिक विवाहिता रचना सेमवाल की आठ साल पहले केदारपुर निवासी भूपेंद्र सेमवाल से शादी हुई थी। रचना की दो बेटियां हैं।
बड़ी बेटी करीब छह साल और छोटी पौने दो साल की है। रचना का आरोप है कि दूसरी बेटी होने के बाद ससुराली नाखुश थे। ससुरालियों को बेटे की चाह थी। पति और सास अक्सर ताने मारने लगे।
घरवालों ने भी नहीं दिया साथ
विरोध करने पर उसके साथ मारपीट होने गली। मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न बढ़ने लगा। ससुराली उसकी बेटियों को भी जान से मारने की धमकी देने लगे।
रचना के भाई महेश के मुताबिक ससुराल में उत्पीड़न हद से ज्यादा बढ़ गया। कुछ समय पहले बहन मोंथेरोवाला मायके आ गई। उसे समझा बुझाकर ससुराल भेज दिया, ताकि परिवार टूटने से बच जाए।
दिनेश का आरोप है कि बहन के ससुराल जाते ही सभी लोग रचना पर टूट पड़े और मारपीट करने लगे। ससुरालियों ने उसकी बहन को घर से निकाल दिया। थाना प्रभारी राजेश शाह के मुताबिक पारिवारिक विवाद पुराना है।
महिला हेल्प लाइन में दंपति की काउंसलिंग भी हो चुकी है। इसके बाद ही मुकदमा दर्ज हुआ है। हालांकि, मामले में आरोपी भूपेंद्र सेमवाल से बातचीत नहीं हो पाई है।