केदारनाथ धाम में 16-17 जून 2013 को मची तबाही के निशान आज तीन साल बाद भी केदारघाटी में मौजूद हैं। दो दिन पहले ही घाटी में 50 से ज्यादा नर कंकाल देखने की बात सामने आई है।
केदारनाथ आपदा में मची तबाही की सबसे दर्दनाक तस्वीरें, देखकर कांप जाएगी रूह
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16 जून की रात धाम में भगवान शिव की स्तुति में लगे तीर्थयात्रियों को इसका कोई आभास नहीं था कि अगले ही पल धाम में प्रकृति अपना प्रचंड रूप दिखाने वाली है।
16-17 जून को घाटी में ऐसी तबाही मची जिसमें हजारों लोगों ने अपना घर, अपने लोग खो दिए। सैकडों तीर्थयात्री काल के गाल में समा गए। आज भी घाटी में तबाही के निशान बाकी हैं।
जैसे ही आपदा से जुड़ा कोई मामला सामने आता है। उत्तराखंड के लोगों के जेहन में आ जाता है। तबाही के बाद केदारनाथ में उतरने के बाद चारों तरफ सिर्फ़ तबाही का मंज़र दिखाई दे रहा था।
करीब सौ लोगा धाम में भूख-प्यास से तड़प रहे थे। केदारनाथ मंदिर के चबूतरे की सीढ़ियों से नीचे का बाज़ार और धर्मशालाएं सब कुछ मलबे से पट गया था।