सेक्स पावर के लिए हजारों फीट चढ़ गए लोग
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यौन शक्तिवर्धक यारसागंबू की तलाश में करीब 16500 फीट की ऊंचाई पर आमतौर निर्जन रहने वाली पहाड़ियों में इन दिनों 600 से ज्यादा टेंट लग गए हैं।
कीड़ाजड़ी को तलाशने और मालदार बनने की होड़ इस कदर मची है कि पिथौरागढ़ के बर्फ से पटे छिपलाकेदार (बुग्याल) के बिल्याड़ी, मनोरथली, चेर्थी, दोबाट की पहाड़ियों में टेंट कॉलोनी तक बस गई है।
छिपलाकेदार में इस समय करीब 2500 लोग मौजूद हैं, जो जुलाई के अंत तक यारसागंबू की तलाश के लिए डटे रहेंगे।
आर्थिक प्रतिस्पर्धा से प्रभावित हो रहा पर्यावरण
छिपलाकेदार में अब भी बर्फ जमी है, लेकिन यारसागंबू से मिलने वाली भारी कीमत लोगों को इस विकट स्थिति में भी रहने को बाध्य करती है।
यह बात अलग है कि एक नए तरीके की आर्थिक प्रतिस्पर्धा ने छिपलाकेदार के पर्यावरण को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
हर साल की तरह इस बार भी लग गए टेंट
जीवन ठाकुर ने बताया कि मई मध्य में छिपलाकेदार में हर साल की तरह इस बार भी टेंट लग गए थे।
यारसागंबू की खोज के लिए गए धारचूला तहसील के मदकोट, बरम, कनार, पय्यांपौड़ी, गलाती, खुमती, रांथी, जुम्मा, छानापूरा, धारचूला देहात, न्यू सोबला, स्यांकुरी, गर्गुवा, जम्कू, वल्थी, बाता गांव के लोग पहले राशन, बिस्तर, मिट्टी का तेल का ढुलान कर आते हैं।
फिर वह कपड़े आदि सामग्री के साथ पहुंचते हैं। छिपलाकेदार में आसपास के गांवों से पहुंचे हर व्यक्ति में यही जुनून होता है कि उसे ज्यादा से ज्यादा यारसागंबू मिल जाए ताकि वह जल्द संपन्न हो सकें।
शिफ्ट में रहते हैं गांव के लोग
गांव के लोग शिफ्ट में छिपलाकेदार में रहते हैं। 15 दिन में दूसरी टीम पहुंचती है और पहले से गई टीम वापस लौट आती है।
जीवन की टीम ने छिपलाकेदार कुंड और आसपास बिखरी गंदगी को हटाया। वहां पहुंचे लोगों से अपील की कि वह गंदगी न फैलाएं।
यदि पॉलीथिन की थैलियां या अन्य रैपर हों तो उनको जला दें। जीवन के साथ बहादुर बथियाल, हीरा सिंह सामंत, तारा सिंह परिहार, मनोज बोरा, कमल सिंह, सुरेश बोरा, भरत सिंह ने भी सफाई अभियान में हिस्सा लिया।
गड्ढे में छिपा आते हैं बर्तन
लंबे समय से जो लोग छिपलाकेदार जा रहे हैं, वे वापसी में बर्तनों को किसी गड्ढे में छिपा आते हैं ताकि अगले साल उन बर्तनों को न ढोना पड़े।
बर्तनों को गड्ढे में घास से दबाया जाता है। वहां पर कोई निशान बना आते हैं। जो लोग पहली बार जाते हैं, उन्हें बर्तन ढोने ही पड़ते हैं।
व्यापारी से चार करोड़ लूटे
नेपाल के डोलपा जिले में 12 हथियारबंद लोगों ने यारसा गंबू खरीदने के लिए नावरेपाटन गांव गए एक व्यापारी से चार करोड़ रुपए की नकदी और ग्रामीणों की ओर से एकत्र किए गए दो करोड़ का यारसागंबू लूट लिया।
नेपाल में लूट की यह अब तक की सबसे बड़ी घटना है। डोलपा के जिलाधिकारी कृष्ण खनाल ने बताया कि प्रहरी उपनिरीक्षक मोहन प्रसाद पोखरेल के नेतृत्व में 11 टीमों का गठन किया गया है और लुटेरों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी गई है।
सेना की एक टुकड़ी को भी मौके पर भेजा गया है। बताया गया है कि गांव के लोगों ने डोलपा के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से सरकारी अनुमति लेकर यह यारसा गंबू एकत्र किया था।
व्यापारी इसी यारसा गंबू को खरीदने के लिए गांव पहुंचा था। लुटेरों ने जैसे ही व्यापारी गांव में पहुंचा तो उसे घेर लिया और बंदूक की बल पर उससे रुपए लूट लिए।