{"_id":"65317ca7251fed52670b7636","slug":"people-got-angry-when-the-national-flag-was-not-hoisted-dehradun-news-c-5-1-drn1031-270329-2023-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: एक महीने से राष्ट्रध्वज नहीं लगाया तो लोगों को गुस्सा आया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: एक महीने से राष्ट्रध्वज नहीं लगाया तो लोगों को गुस्सा आया
विज्ञापन
बाजार चौकी स्थित 105 फीट ऊंचे खंभे में करीब एक माह से राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहरा रहा है। राष्ट्रीय ध्वज की सिलाई उधड़ने के कारण इसे ससम्मान उतार दिया गया था। लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी नया ध्वज नहीं लगाया गया है। जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश हैं।
बीते साल 5 अक्तूबर को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक तिरंगे झंडे को एमडीडीए (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) की ओर से स्थापित किए गए 105 फीट ऊंचे खंभे पर लहराया गया था। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने इसका लोकार्पण किया था। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गुप्ता का कहना है कि तिरंगा देश की आन बान और शान का प्रतीक है, लेकिन इस ओर संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पुलिस प्रशासन, नगर पालिका और एमडीडीए इस ओर उदासीन बना हुआ है। उनका कहना है कि जिस भी विभाग की जिम्मेदारी बनती है, उसे तिरंगे की व्यवस्था करनी चाहिए। शान के साथ फिर से तिरंगा लहराया जाना चाहिए। वहीं इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिन लोगों की मांग पर तिरंगा लगाया गया, उन्हें आगे आना चाहिए। सिर्फ झंडा फहराने तक ही उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
विज्ञापन
चौकी प्रभारी विवेक भंडारी ने बताया कि तेज हवाओं के चलते तिरंगे की सिलाई उधड़ गई थी। जिस पर ससम्मान झंडे को उतार दिया गया था। उन्होंने बताया कि तिरंगे को लेकर नगर पालिका और एमडीडीए के अधिकारियों से अनुरोध किया गया है। एमडीडीए के अधिशासी अभियंता संजय कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। शीघ्र ही तिरंगे की व्यवस्था कर इसे फिर से लहराया जाएगा।
विज्ञापन
बीते साल 5 अक्तूबर को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक तिरंगे झंडे को एमडीडीए (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) की ओर से स्थापित किए गए 105 फीट ऊंचे खंभे पर लहराया गया था। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने इसका लोकार्पण किया था। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गुप्ता का कहना है कि तिरंगा देश की आन बान और शान का प्रतीक है, लेकिन इस ओर संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
पुलिस प्रशासन, नगर पालिका और एमडीडीए इस ओर उदासीन बना हुआ है। उनका कहना है कि जिस भी विभाग की जिम्मेदारी बनती है, उसे तिरंगे की व्यवस्था करनी चाहिए। शान के साथ फिर से तिरंगा लहराया जाना चाहिए। वहीं इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिन लोगों की मांग पर तिरंगा लगाया गया, उन्हें आगे आना चाहिए। सिर्फ झंडा फहराने तक ही उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
विज्ञापन
चौकी प्रभारी विवेक भंडारी ने बताया कि तेज हवाओं के चलते तिरंगे की सिलाई उधड़ गई थी। जिस पर ससम्मान झंडे को उतार दिया गया था। उन्होंने बताया कि तिरंगे को लेकर नगर पालिका और एमडीडीए के अधिकारियों से अनुरोध किया गया है। एमडीडीए के अधिशासी अभियंता संजय कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। शीघ्र ही तिरंगे की व्यवस्था कर इसे फिर से लहराया जाएगा।