लॉक डाउन: भागती-दौड़ती जिंदगी में आज मिला समय, जी रहे जिंदगी कोई शौक पूरा कर रहे तो कोई परिवार की सेवा में लगे, बोले-डयूटी की व्यस्तता में नहीं जी पाते जिंदगी माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। भागती-दौड़ती जिंदगी में हर कोई व्यस्त है। लोगों के पास दूसरों के लिए तो छोड़िए, अपने शौक पूरे करने के लिए वक्त नहीं है। लॉक डाउन हुआ तो मानों लोगों को जिंदगी मनमाफिक जीने का सुनहरा अवसर मिल गया हो। कोई ये समय मां की सेवा कर मां को समर्पित कर रहा है तो कोई बगीचे में सुकूनभरा समय बिता रहे हैं। खाली समय में किसी मे लेखनी का शौक पनप रहा है तो कोई बच्चा गुरु के चित्र बनाकर उनका सुमिरन कर रहा है। वहीं, इन सब दिनचर्या के बीच सुखद बात है कि लोग कोरोना महामारी से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का भी सख्ती से पालन कर रहे हैं। आर्ट का जुनून हो रहा पूरा, गुरु का भी स्मरण:::: जब भी समय मिले, गुरु को याद करो। जसप्रीत कौर को आर्ट का बहुत शौक है। लॉक डाउन में लोग घरों में कैद क्या हुए, जसप्रीत की आर्ट के जुनून को जीने का सुनहरा मौका मिल गया। खाली समय में जसप्रीत आर्ट तो बनाती ही हैं, लेकिन इसमें गुरु का भी स्मरण करती हैं। जसप्रीत ने पोस्टर पर इक ओंकार का सुंदर चित्र बनाया है और इसमें सतनाम वाहेगुरु का नाम हजारों बार लिखा है। यह आर्ट देखने लायक है। जसप्रीत विंग नम्बर 6 प्रेमनगर रहती हैं। बच्चा हो या बड़ा, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन::::; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉल डाउन में एक मीटर का डिस्टेंस रख सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की है। चुखुवाला निवासी सतीश आजाद भी अपने परिवार में सोशल डिस्टेंसिंग का ईमानदारी से पालन करा रहे हैं। छोटा हो या बड़ा, हर कोई सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व को बखूबी समझ रहा है। यह परिवार लोगों के लिए प्रेरणा बन रहा है। मां की सेवा में जुटे हैं अम्बा दत्त:: मां की सेवा से बढ़कर भला कुछ है क्या। लॉक डाउन में भले ही कई लोग घर पर बोर हो रहे होंगे, लेकिन मातावाला मन्दिर कॉलोनी अजबपुर निवासी अम्बा दत्त जोशी इस मौके को अपनी मां को समर्पित कर रहे हैं। सुबह हो या शाम वह मां की सेवा में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी के दिनों में वह इतने व्यस्त रहते हैं कि परिवारजनों के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाते। इसलिए इस सुनहरे मौके को वह चूकना नहीं चाहते। उनकी माता मोहिनी जोशी भी खुद को सौभाग्यशाली मान रही हैं। खाली समय मे जगा लेखनी का शौक:: लॉक डाउन के दौरान खाली समय लोगों को लिखने को भी प्रेरित कर रहा है। ऐसा ही कुछ 81 वर्षीय रिटायर्ड इंजीनियर अशोक कुमार के साथ देखने को मिल रहा है। दून विहार जाखन निवासी अशोक कहते हैं कि जिंदगी में उन्होंने कभी लेखन नहीं किया, लेकिन आजकल उनके अंदर लिखने की रूचि जागने लगी है। वह रोजाना दो पन्ने लिखते हैं, जिसमें अपने जीवन से जुड़े लम्हों को साझा करते हैं। बगीचों के बीच बिता रहे समय:::: इन दिनों राजीव नेगी हरे-भरे बगीचे के बीच समय बिता रहे हैं। पौधों की देखभाल कर रहे हैं, पानी दे रहे हैं। राजीव ने कहा कि उन्हें पौधों के बीच बेहद सुकून मिलता है। ड्यूटी के दौरान वह रोजाना 1 से 2 घंटे ही बगीचे में दे पाते थे, लेकिन आजकल वह रोजाना 4 से 5 घंटे सुबह-शाम बगीचे में ही बिताते हैं। राजीव गली नम्बर 6 शास्त्रीनगर के रहने वाले हैं। गौरव