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लोक सूचना अधिकारी पर 22500 का जुर्माना
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 05 Dec 2013 01:42 PM IST
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राज्य सूचना आयोग ने तीन माह देरी से सूचना उपलब्ध कराने पर हरिद्वार के सिंचाई विभाग के कार्यप्रबंधक उद्योगशाला पर 22500 रुपए का जुर्माना लगाया है।
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तीन माह देर से सूचना देने पर लोक सूचना अधिकारी का कहना था कि सूचना का संकलन करने में समय लगा। हरिद्वार निवासी अश्वनी कुमार शर्मा को उक्त लोक सूचना अधिकारी ने समय से सूचना नहीं दी।
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अपीलीय अधिकारी ने एक सप्ताह में भी नहीं दी सूचना
यह मामला अपीलीय अधिकारी तक पहुंचा तो अपीलीय अधिकारी ने एक सप्ताह में भी सूचना नहीं दी। इसके बाद मामला राज्य सूचना आयोग पहुंचा।
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राज्य सूचना आयुक्त अनिल कुमार शर्मा ने मामले की सुनवाई तो लोक सूचना अधिकारी पूरी 531 पेज की फोटोस्टेट में सूचना लेकर उपस्थित हो गया। ऐसे में आवेदनकर्ता को पूरे तीन माह के बाद सूचना मिल पाई।
लोक सूचना अधिकारी का कहना था कि सूचना वर्ष 2006-07 से संबंधित मांगी गई थी लिहाजा सूचना को एकत्रित करने में समय लगा। आयुक्त ने लोक सूचना अधिकारी के इस तर्क को पूरी तरह से ठुकरा दिया।
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तीन माह विलंब से सूचना देने पर लोक सूचना अधिकारी पर 22500 रुपए का जुर्माना लगाने का आदेश आयुक्त ने दिया।