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बोस्टन की धरती पर ज्ञान की किरण पारुल
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 03 Oct 2014 02:53 PM IST
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पारुल अग्रवाल भार्गव एक ऐसा नाम है, जिस पर कोई भी गर्व कर सकता है।
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हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में असिस्टेंट प्रोफेसर पारुल अग्रवाल भार्गव ने परदेस की धरती पर शिक्षण के पेशे को इसीलिए अपनाया, क्योंकि यही एक माध्यम है, जिसके माध्यम से आने वाली पीढ़ी को नई चीजों से रूबरू कराने का मौका मिलता है।
कईयों की पढ़ाई में की मदद
देहरादून की रहने वालीं पारुल इस वक्त यूएसए के बोस्टन (मेसाच्यूसेट्स) में रह रहीं हैं। उन्होंने यहां जार्जटाउन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर से भी पढ़ाई की। इससे पूर्व उन्होंने नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की।
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बेथ इजराइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर, बोस्टन में भी उन्होंने काम किया। जीवन के तकरीबन तीन दशक देख चुकीं पारुल अग्रवाल भार्गव अपने पेशे को व्यवसाय की तरह नहीं देखतीं। उन्होंने कईयों की पढ़ाई में मदद की है।
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वह अपने देश हिंदुस्तान में असीमित प्रतिभा देखती हैं। उत्तराखंड से भी उन्होंने बहुत लगाव है। दून अक्सर याद आता है। बकौल पारुल यहां आने का मतलब यहां बीते हुए समय को फिर से जी लेना होता है।
महिलाओं के लिए संदेश
ऐसा कोई क्षेत्र नहीं, जहां महिलाओं ने अपना निशान नहीं छोड़ा है। जरूरत बस एक कदम उठाने भर की है। इसके बाद वह कहां पहुंच सकती हैं, इसका उन्हें खुद अंदाजा नहीं। आवश्यकता बस शुरुआत करने की है।