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Uttarakhand Paper Leak Case: सात आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, नई धारा बढ़ने से अधिवक्ताओं ने नहीं दिया जोर
Thu, 20 Oct 2022 09:43 AM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 20 Oct 2022 09:43 AM IST
सार
पेपर लीक मामले में आपराधिक षड्यंत्र और विश्वास का आपराधिक हनन जोड़ी गई थी। नियमानुसार आरोपियों को इन धाराओं में भी जमानत के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट में अर्जी लगानी होगी। वहां खारिज होने की दशा में ही सत्र न्यायालय जमानत अर्जी पर विचार कर सकता है। लिहाजा, आरोपियों के अधिवक्ताओं ने प्रार्थनापत्रों पर बल नहीं दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पेपर लीक मामले में जेल में बंद सात आरोपियों की अमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। इस मुकदमे में पिछले दिनों आपराधिक षड्यंत्र और विश्वास का आपराधिक हनन की धाराएं जोड़ी गई थीं। ऐसे में आरोपियों के अधिवक्ताओं ने प्रार्थनापत्रों पर बल नहीं दिया। लिहाजा, कोर्ट ने गुणदोष के आधार पर इन प्रार्थनापत्रों को रद्द कर दिया। अब पहले उन्हें लोअर कोर्ट में नई धाराओं में जमानत अर्जी लगानी होगी।
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स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले के आरोपी चंदन मनराल, तनुज शर्मा, दीपक सिंह, बलवंत सिंह रौतेला, सचिन, विनोद जोशी की ओर से जमानत के लिए चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय में अर्जी लगाई गई थी। इससे पहले इनकी न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता जेके जोशी कोर्ट में उपस्थित हुए।
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हाल ही में इस मुकदमे में आपराधिक षड्यंत्र (आईपीसी 120बी) और विश्वास का आपराधिक हनन (आईपीसी 409) जोड़ी गई थी। नियमानुसार आरोपियों को इन धाराओं में भी जमानत के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट में अर्जी लगानी होगी। वहां खारिज होने की दशा में ही सत्र न्यायालय जमानत अर्जी पर विचार कर सकता है। लिहाजा, आरोपियों के अधिवक्ताओं ने प्रार्थनापत्रों पर बल नहीं दिया। ऐसे में अदालत ने इन अर्जियों को खारिज कर दिया।