फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   pandit jawaharlal nehru heritage in dehradun

उत्तराखंडः कांग्रेस राज में पं. नेहरू की अंतिम धरोहर से खिलवाड़

Fri, 27 May 2016 04:47 PM IST
गौरव मिश्रा/ अमर उजाला, देहरादून
गौरव मिश्रा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 27 May 2016 04:47 PM IST
विज्ञापन
pandit jawaharlal nehru heritage in dehradun
pandit jawaharlal nehru heritage in dehradun - फोटो : amar ujala

पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की कई यादें संजोए बैठे सहस्त्रधारा स्थित लोक निर्माण विभाग की सुध उत्तराखंड में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार को भी नहीं है।

विज्ञापन


जबकि यह वह जगह है जहां पर आज से 52 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री अंतिम सांस लेने से एक दिन पहले यहां होकर गए थे। एक मर्तबा कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश ने यहां स्मृति भवन बनाने समेत और दूसरी चीजें विकसित करने की घोषणा की थी। पर लोगों का आरोप है कि उनके स्तर पर भी इस दिशा में कुछ नहीं किया गया। इसे लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
विज्ञापन


80 वर्षीय बुजुर्ग दौलत सिंह नेगी, राजीव मेनवाल, बहादुर सिंह चौहान, राजीव भंडारी, जयप्रकाश भारती समेत कई स्थानीय लोगों ने बताया कि नेहरु जब भी देहरादून या मसूरी आते तो सहस्त्रधारा के लोनिवि के निरीक्षण भवन में ही विश्राम करते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

नेता और मंत्री यहां पर करते हैं सैर सपाट

pandit jawaharlal nehru heritage in dehradun
pandit jawaharlal nehru heritage in dehradun - फोटो : amar ujala

इन लोगों का आरोप है कि हर दल के नेता और मंत्री यहां पर सैर सपाटे के लिए तो खूब आते हैं पर ये लोग नेहरू की यादें संजोने और उसके प्रचार-प्रसार के लिए कतई गंभीर नहीं हैं। बुजुर्ग दौलत सिंह नेगी का कहना है कि जब भी पंडित नेहरू सहस्त्रधारा आते थे तो सबसे मिलते थे।

इन्होंने बताया कि 26 मई 1964 को जवाहरलाल नेहरू इंदिरा गांधी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यहां आए थे। गंधक के पानी में उन्होंने स्नान किया और तैराकी भी की थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में आराम किया। सपरिवार दोपहर का खाना भी उन्होंने यहीं खाया।

इसके बाद ये लोग दिल्ली रवाना हो गए। अगले दिन 27 मई को उनके निधन की खबर से पूरे देश के साथ पंडित नेहरू की यादें संजोए बैठा दून भी शोक में डूब गया। सहस्त्रधारा में रहने वाले दौलत सिंह नेगी उस दिन नेहरु से मिले थे और वह उस दिन को याद करके बेहद भावुक हो जाते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत भी कई मर्तबा सहस्त्रधारा आते रहते हैं, लेकिन उन्होंने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed