उत्तराखंडः कांग्रेस राज में पं. नेहरू की अंतिम धरोहर से खिलवाड़
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पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की कई यादें संजोए बैठे सहस्त्रधारा स्थित लोक निर्माण विभाग की सुध उत्तराखंड में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार को भी नहीं है।
जबकि यह वह जगह है जहां पर आज से 52 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री अंतिम सांस लेने से एक दिन पहले यहां होकर गए थे। एक मर्तबा कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश ने यहां स्मृति भवन बनाने समेत और दूसरी चीजें विकसित करने की घोषणा की थी। पर लोगों का आरोप है कि उनके स्तर पर भी इस दिशा में कुछ नहीं किया गया। इसे लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
80 वर्षीय बुजुर्ग दौलत सिंह नेगी, राजीव मेनवाल, बहादुर सिंह चौहान, राजीव भंडारी, जयप्रकाश भारती समेत कई स्थानीय लोगों ने बताया कि नेहरु जब भी देहरादून या मसूरी आते तो सहस्त्रधारा के लोनिवि के निरीक्षण भवन में ही विश्राम करते थे।
नेता और मंत्री यहां पर करते हैं सैर सपाट
इन लोगों का आरोप है कि हर दल के नेता और मंत्री यहां पर सैर सपाटे के लिए तो खूब आते हैं पर ये लोग नेहरू की यादें संजोने और उसके प्रचार-प्रसार के लिए कतई गंभीर नहीं हैं। बुजुर्ग दौलत सिंह नेगी का कहना है कि जब भी पंडित नेहरू सहस्त्रधारा आते थे तो सबसे मिलते थे।
इन्होंने बताया कि 26 मई 1964 को जवाहरलाल नेहरू इंदिरा गांधी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यहां आए थे। गंधक के पानी में उन्होंने स्नान किया और तैराकी भी की थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में आराम किया। सपरिवार दोपहर का खाना भी उन्होंने यहीं खाया।
इसके बाद ये लोग दिल्ली रवाना हो गए। अगले दिन 27 मई को उनके निधन की खबर से पूरे देश के साथ पंडित नेहरू की यादें संजोए बैठा दून भी शोक में डूब गया। सहस्त्रधारा में रहने वाले दौलत सिंह नेगी उस दिन नेहरु से मिले थे और वह उस दिन को याद करके बेहद भावुक हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत भी कई मर्तबा सहस्त्रधारा आते रहते हैं, लेकिन उन्होंने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।