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उत्तराखंड: 100 पाकिस्तानी श्रद्धालुओं के जत्थे को हेमकुंड साहिब जाने से रोका, जानिए इसके पीछे की वजह

Sat, 01 Sep 2018 09:26 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, मसूरी
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, मसूरी Updated Sat, 01 Sep 2018 09:26 AM IST
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pakistan pilgrims return without hemkund sahib yatra due to mistake in visa
pakistan pilgrims

पाकिस्तान से आए 100 श्रद्धालुओं के जत्थे को बिना हेमकुंड साहिब की यात्रा के ही अपने मुल्क वापस लौटना पड़ा। वीजा में दूतावास की छोटी सी गलती का खामियाजा पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं को भरना पड़ रहा है। जिस वे हेमकुंड साहिब नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार से तीन तीर्थ स्थलों पर जाने की अनुमति मांगी है। नगर में दो दिन के प्रवास के बाद शुक्रवार को पाकिस्तानी श्रद्धालु देहरादून चले गए।

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कुछ दिन पहले पाकिस्तान से 100 श्रद्धालुओं जत्था भारत आया था। ये श्रद्धालु बृहस्पतिवार को मसूरी पहुंचे थे। शुक्रवार को किताबघर स्थित गुरुद्वारे में अरदास के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरुग्रंथ के आगे मत्था टेका और दोनों मुल्कों में अमन चैन की अरदास की। गुरुद्वारा समिति के संयोजक कैप्टन कमलजीत सिंह ने इन श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
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सिंध प्रांत से आए किशोर कुमार ने बताया कि उनका जत्था हेमकुंड साहिब, अमृतसर और दिल्ली स्थित शीशगंज गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने के लिए आया है। लेकिन भारत सरकार ने एक ही तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब जाने की अनुमति दी हुई है। उनके वीजा में भारतीय दूतावास ने गलती से हेमकुंड साहिब चमोली जिले के जगह ऋषिकेश जिला देहरादून लिख दिया, जिससे उन्हें हेमकुंड साहिब जाने नहीं दिया जा रहा है।
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उन्होंने सरकार तीनों तीर्थ स्थलों में जाने की अनुमति मांगी है। कहा कि भारत में हमें बहुत सम्मान मिल रहा है। जत्थे में अपने परिवार संग बए 10 वर्षीय प्रेम ने कहा कि भारत में उनकी नानी नाना रहते हैं। हम उनसे मिलना चाहते हैं लेकिन वीजा में चिन्हित स्थलों के अलावा अन्य स्थानों में जाने की अनुमति नहीं है जिस कारण वह अपनी नाना नानी से नहीं मिल पा रहे हैं।

बलूचिस्तान के रोशनलाल ने कहा कि बंटवारे के बाद हमारे परिवार के कुछ सदस्य भारत में रहे तो कुछ पाकिस्तान चले गए। मेरी मां भाइयों के साथ इंदौर में रहती है। साल दो साल बाद मिलना होता है। कभी वह हमसे मिलने पाकिस्तान आती है तो कभी हम उनसे मिलने आते हैं। 
 
मसूरी गुरुद्वारा ट्रस्ट समिति के संयोजक कैप्टन कमलजीत सिंह ने बताया कि समिति की ओर से जत्थे को सिंध प्रांत के जिला करमपुर स्थित श्री गुरु अर्जुनदेव गुरुद्वारा में चढ़ाने के लिए चादर भेंट की सिरोपा भेंट किया गया।
 

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