OMG! इस स्कूल में है केवल एक छात्र
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राजधानी देहरादून के प्राथमिक विद्यालय बोहरी में केवल एक छात्रा पढ़ती है जबकि उसे पढ़ाने के लिए दो-दो शिक्षिकाएं तैनात हैं।
इकलौती छात्रा का इंतजाम दोनों शिक्षिकाओं ने खुद किया है। पास के दूसरे स्कूल से इसका दाखिला अपने स्कूल में इस डर से कराया है, ताकि छात्र संख्या शून्य होने पर उनका स्कूल बंद न हो जाए और उनका स्थानांतरण कहीं और कर दिया जाए।
प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या तेजी से घट रही है। कुछ स्कूलों में तो शिक्षकों की संख्या छात्रों से अधिक है। ऐसा ही एक स्कूल है कालसी ब्लाक का प्राथमिक विद्यालय बोहरी।
यहां भी बदहाली
इस स्कूल में शिक्षिका इला उपाध्याय पहले से तैनात थीं। कुछ समय पूर्व शिक्षिका शबनम को भी यहां स्थानांतरित कर दिया गया। इस बीच स्कूल से सभी बच्चे अन्यत्र चले गए, जबकि इस सत्र में यहां एक भी बच्चे का दाखिला नहीं हुआ।
ऐसे में दोनों शिक्षिकाओं को स्कूल बंद होने की चिंता सताने लगी। स्कूल बंद होता तो दोनों शिक्षिकाओं का तबादला कर दिया जाता। ऐसे में शिक्षिकाओं ने पास के दूसरे प्राथमिक विद्यालय कुरोली से एक छात्रा की टीसी कटवाकर अपने यहां कक्षा एक में दाखिला करा लिया।
कम छात्र संख्या से जूझ रहे स्कूलों में कालसी ब्लाक का ही प्राथमिक विद्यालय कुरोली भी शामिल है। यहां 14 बच्चों पर तीन शिक्षिकाएं हैं। इसी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय नेवी में आठ बच्चे हैं। वहीं, डोईवाला ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय इठारना में आठ बच्चे पढ़ रहे हैं। दूसरी ओर, राजधानी में 25 स्कूल अच्छी छात्र संख्या होने के बावजूद एकल शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं।
तबादलों की होड़ से हुआ यह हाल
पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के दूरदराज के जिलों से शिक्षकों का दून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में बड़ी संख्या में तबादला किया गया है। सबसे अधिक स्थानांतरण दून में हुए हैं। इससे यहां शिक्षकों की संख्या बढ़ रही है, जबकि बच्चों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है।
नियमानुसार एक छात्र के रहने पर भी स्कूल को बंद नहीं किया जा सकता। लेकिन छात्र संख्या दस से कम वाले स्कूलों में तैनात अतिरिक्त शिक्षकों को ब्लाक के दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। चकराता और कालसी से शिक्षकों को शहर के एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में लाया जाएगा।
-पद्मेंद्र सकलानी, डीईओ बेसिक
कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद करने का अभी कोई आदेश नहीं है। इतना जरूर है कि जहां छात्र संख्या दस से कम है, वहां तैनात शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां उनकी जरूरत है। कुछ जिलों में इस आदेश पर कार्रवाई चल रही है।
-राकेश कुंवर, शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा