कैंसर के इलाज को पैसा नहीं जुटा पाई, तो 55 साल की महिला ने झील में कूदकर दे दी जान
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कैंसर पीड़ित महिला ने बीमारी से तंग आकर भीमताल झील में छलांग लगाकर जान दे दी। सूचना पर सीओ आरएस नबियाल, एसओ डीआर आर्या, एसआई त्रिलोचन जोशी, पनीराम टम्टा, केवलानंद पाठक, महिला एसआई सीमा आर्या, देवेंद्र फत्यॉल पहुंचे।
इसी बीच एक युवक ने खुद को महिला का दामाद बताते हुए उनकी शिनाख्त सरोज देवी (55) पत्नी गिरीश राम निवासी डोब ल्वैशाल के रूप में की। युवक के मुताबिक उनकी सास कैंसर की बीमारी से पीड़ित थीं, डॉक्टरों ने इलाज में लाखों का खर्च बताया था। परिवार की आर्थिक हालत बेहद खराब होने के चलते इलाज सही से नहीं हो पा रहा था। इसे लेकर सास तनाव में थीं।
ठंडी सड़क स्थित पशु चिकित्सालय के नीचे झील किनारे मंगलवार सुबह आठ बजे कांग्रेसी नेता भूपेंद्र कन्नौजिया को एक महिला का शव दिखाई दिया। सूचना पर पुलिस ने शव को झील से बाहर निकाला।
इस दौरान पहुंचे युवक तरुण कुमार ने पुलिस को मृतक महिला को अपनी सास बताया। तरुण ने पुलिस को बताया कि कैंसर पीड़ित उनकी सास का हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल से इलाज चल रहा था। मंगलवार को वह अपनी सास को दिखाने टैक्सी से हल्द्वानी एसटीएच लेकर जा रहे थे।
ठंडी सड़क पर सरोज देवी ने पर्चे घर में भूलने की बात कहते हुए टैक्सी रुकवा दी। बकौल तरुण ‘मुझे पर्चे लाने के लिए घर भेज दिया, पर्चे लेकर जब मैं लौटा तो वहां सास नहीं थीं। थोड़ा आगे जाने पर लोगों ने झील किनारे किसी महिला का शव होने की बात कही तो मौके पर जाकर देखा तो शव उनकी सास सरोज देवी था।’
तरुण ने अपने साले पवन कुमार को फोन पर घटना से अवगत कराया। सूचना पर पवन कुमार अपनी पत्नी मीरा के साथ मौके पर पहुंचा। पवन ने पुलिस को बताया कि उसकी मां पिछले एक साल से कैंसर से पीड़ित थीं और इस बीमारी के चलते वह रात भर सो नहीं पाती थी और बेचैनी होने के चलते मानसिक तनाव में थीं।
संभवतया इसी बीमारी और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने झील में छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली होगी। महिला के पति गिरीश चंद्र घर में ही रहते हैं, महिला के दो लड़के और दो लड़कियां हैं। बड़ा लड़का दीपक दिल्ली में नौकरी करता है।