फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   NTCA will now release tiger census data on International Tiger Day in 2022

एनटीसीए अब 2022 में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर जारी करेगा बाघों की गणना के आंकड़े

Fri, 29 Jan 2021 11:36 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 29 Jan 2021 11:36 PM IST
विज्ञापन
NTCA will now release tiger census data on International Tiger Day in 2022
टाइगर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

2019 में बाघों की गणना के आंकड़े जारी करने में काफी समय लग गया था। पर इस बार लेटलतीफी नहीं की जाएगी। एनटीसीए अब साल 2022 में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर बाघों की गणना का रिजल्ट जारी करेगा। यह बात एनटीसीए के डीआईजी सुरेंद्र मेहरा ने शुक्रवार को रामनगर में कही।

विज्ञापन


एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के डीआईजी कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला में बन रहे रेस्क्यू सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। ढेला में रेस्क्यू सेंटर का निर्माण कार्य अब अंतिम दौर में है। उम्मीद है कि जल्द ही प्रदेश के सीएम रेस्क्यू सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचेंगे। एनटीसीए के डीआईजी सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि साल 2018 में देशभर में बाघों की गणना हुई थी।
विज्ञापन


वर्ष 2019 में 29 जुलाई को राज्यों और 2020 में टाइगर रिजर्व में मौजूद बाघों के आंकड़े जारी किए गए। इस पूरी प्रक्रिया में तीन साल लग गए थे। अब वर्ष 2022 में अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली बाघों की गणना का रिजल्ट समय पर जारी किया जाएगा। 2022 में 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के दिन राज्यों और टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या का आंकड़ा एकसाथ घोषित किया जाएगा। इस दौरान पार्क निदेशक राहुल, पार्क वार्डन आरके तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


तेंदुओं का आंकड़ा पता नहीं
डीआईजी मेहरा ने देश में कुछ समय पहले जारी तेंदुओं के आंकड़ों पर कहा कि ये आंकड़े टाइगर रिजर्व में लगे कैमरा ट्रैप के आधार पर जारी किए हैं। पर्वतीय और मैदानी इलाकों में मौजूद तेंदुओं का आंकड़ा अब तक नहीं है। पर्वतीय और मैदानी इलाकों में तेंदुओं की गणना करना मुश्किल है। 

आबादी के करीब बाघों की आवाजाही पर चिंता
डीआईजी सुरेंद्र मेहरा ने आबादी के नजदीक बाघों की आवाजाही पर चिंता जताई। टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ना राहत भरा है पर मानव वन्यजीव संघर्ष चिंता भी बढ़ा रहा है। एनटीसीए उन टाइगर रिजर्व में बाघों को शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है, जहां बाघों की संख्या कम है या फिर नहीं है। इससे बाघों को वास करने में कोई परेशानी नहीं होगी और वह आबादी के नजदीक भी नहीं जाएंगे।

स्थानीय लोगों के हित में कंडी मार्ग पर संचालित हुई बस सेवा
कंडी मार्ग पर स्थानीय लोगों के हित में बस सेवा शुरू की गई। फिलहाल कंडी मार्ग पर एक ही बस संचालित हो रही है। स्थानीय लोगों के हित में कॉर्बेट प्रशासन ने यह फैसला लिया है। इससे वन्यजीवों के जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 

राजाजी पार्क में शिकार कर रहा कॉर्बेट का बाघ

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के झिरना रेंज से राजाजी पार्क भेजे गए बाघ की हर गतिविधि पर एनटीसीए लगातार नजर बनाए हुए है। कैमरा ट्रैप की तस्वीरों से पता चला है कि बाघ वहां लगातार शिकार कर रहा है। वनकर्मी उसकी हर गतिविधियों की जानकारी एनटीसीए को दे रहे हैं।

एनटीसीए के डीआईजी सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि आठ जनवरी को कॉर्बेट के झिरना रेंज के लालढांग से एक बाघ को ट्रैंक्यूलाइज कर राजाजी पार्क में छोड़ा गया था। हालांकि बाघ के गले से रेडियो कॉलर हट गया है, बावजूद इसके कैमरा ट्रैप से उस पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बाघ अपना इलाका चिह्नित कर शिकार कर रहा है। बाघ की गतिविधियां काफी शानदार हैं। इससे साफ है कि राजाजी पार्क का वास बाघों के विचरण के लिए मुफीद है। बाघिन भी लगातार शिकार कर रही है। बाघिन के गले में रेडियो कॉलर लगा हुआ है, जिससे उसकी लोकेशन लगातार मिली रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed