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‘नो वर्क, नो पे’ कर लें, हम नहीं झुकेंगे
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 11 Oct 2014 10:36 AM IST
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मुख्यमंत्री हरीश रावत के ‘नो वर्क, नो पे’ लागू करने की चेतावनी का भी कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
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कर्मचारियों ने साफ किया है कि सरकार चाहे तो आज ही इसे लागू कर दे, लेकिन वे दबाव में नहीं आएंगे। नायब तहसीलदारी में कोटा बहाली का शासनादेश आने पर ही हड़ताल खत्म की जाएगी, वर्ना दिवाली भी धरनास्थल पर ही मनेगी।
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मांगों पर सहमति जताई गई
उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री आशीष वर्मा का कहना है कि उनकी सारी मांगें जायज हैं। मुख्य सचिव, राजस्व सचिव की बैठकों में उनकी मांगों पर सहमति जताई गई, लेकिन शासनादेश जारी नहीं हुआ। कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो अगले चरण का आंदोलन शुरू करेंगे।
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दूसरी ओर, राजस्व संग्रह अमीन भी धरनास्थल पर दीपावली मनाने के मूड में हैं। उत्तराखंड राजस्व संग्रह अमीन संघ के प्रांतीय महामंत्री वीरेंद्र सिंह सजवाण का कहना है कि वर्ष 2009 में सरकार ने अमीनों के प्रमोशन का रास्ता निकालने की बात कही थी, लेकिन पांच साल बाद भी कुछ नहीं हुआ। कहा कि शासन ने कुछ हल निकाला तो आंदोलन स्थगित किया जाएगा।
पटवारी शुरू कर सकते हैं पुलिस कार्य
संसाधन और स्टाफ के अभाव के विरोध में पुलिस कार्य का बहिष्कार कर रहे पर्वतीय पटवारी दीपावली के पहले फिर पुलिस का काम शुरू कर सकते हैं। पर्वतीय पटवारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह कुमाईं ने बताया कि शासन में 15 अक्तूबर को बैठक है। उसमें सर्वसम्मति से फैसला किया जाएगा। कुमाईं ने कहा कि सरकार का रुख सकारात्मक है। इससे पटवारी भी सकारात्मक फैसला कर सकते हैं।